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मदद के नाम पर हेड कांस्टेबल करता रहा विधवा महिला का शारीरिक शोषण

न्याय की तलाश में भटक रही विधवा का हेड कांस्टेबल ने शादी का झांसा देकर जमकर शारीरिक शोषण किया.
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उन्नाव

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Abhishek Gupta

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Updated: 13 Jul 2018, 9:15 PM IST

Widow rape

Widow rape

उन्नाव. न्याय की तलाश में भटक रही विधवा का हेड कांस्टेबल ने शादी का झांसा देकर जमकर शारीरिक शोषण किया। बीच-बीच में शादी का भरोसा भी देता रहा। ज्यादा दबाव पड़ने पर उसने अपना स्थानांतरण जनपद के दूसरे थाने में करा लिया। विधवा ने थाने में पहुंचकर जानकारी प्राप्त की तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। थाना में बताया गया कि उपरोक्त हेड कांस्टेबल गंदा आदमी है। तुम्हारी जैसी उसके पास कई औरतें हैं। थाना में मिली जानकारी के बाद विधवा उसके तैनाती स्थल पर गई, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। पीड़ित विधवा ने आयोग सहित पुलिस उपमहानिरीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जांच रिपोर्ट के आधार पर हेड कांस्टेबल के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करने का आदेश दिया। लेकिन कई मौकों पर पुलिस विभाग में बैठे उसके हमदर्द ने उसे बचाने का काम किया। आज महिला दर-दर की ठोकरें खा रही है और उसे कहीं से भी आशा की किरण नहीं दिख रही।

बिहार थाना क्षेत्र का मामला-

मामला बिहार थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 21 अप्रैल 2016 को बिहार थाना क्षेत्र के बेजुबा मऊ शुक्ला खेड़ा निवासी सुशीला देवी रैदास के पति गंगाराम का शव बीघापुर रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे ट्रैक पर मिला था। इस संबंध में सुशीला देवी ने बिहार थाना में तहरीर देकर चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया था। सुशीला देवी ने बताया कि वह और उसके पति बीघापुर तहसील में टाइपिस्ट का काम करते थे। पति की हत्या के बाद वो अकेले टाइपिंग का काम करके बच्चों का पालन पोषण कर रही थी। इसी बीच बिहार थाना में तैनात हेड कांस्टेबल राजेश्वर राव अंबेडकर पुत्र रामजीत जो मूलतः कसहा दिबियापुर जिला औरैया का रहने वाला है, से उसकी मुलाकात हुई। राजेश्वर राव ने बताया कि तुम्हारे पति की हत्या हुई है। आरोपियों ने पुलिस थाना में पैसा दिया है। इसलिए पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करेगी। सुशीला देवी ने बताया कि राजेश्वर राव न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

शादी का झांसा दिया और बनाया शारीरिक संबंध-

मदद के नाम पर राजेश्वर राव उसे लखनऊ लेकर गया। जहां गाड़ी में उसके साथ उसने छेड़खानी की। विरोध करने पर उसने कहा कि मेरी पत्नी नहीं है, मैं तुमसे शादी कर लूंगा। राजेश्वर राव द्वारा शादी का प्रस्ताव रखे जाने के बाद अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए उसने घर आने जाने की अनुमति दे दी, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी उसने शादी नहीं की। दबाव बनाने पर राजेश्वर राव घर आना बंद कर दिया। बिहार थाना में जाकर पता किया जो थानाध्यक्ष ने बताया उसका स्थानांतरण फतेहपुर 84 थाना हो गया है। पीड़िता के अनुसार उसने थानाध्यक्ष को अपनी आपबीती सुनाई। इस पर बिहार थानाध्यक्ष ने कहा वह बहुत गंदा आदमी है और तुम्हारी जैसी कई औरतें रखे है। पीड़िता के अनुसार वह फतेहपुर 84 थाना गई और राजेश्वर राव से बातचीत की। परंतु उसने शादी से साफ इंकार कर दिया। शादी से इंकार करने के बाद उसने अनुसूचित जाति जनजाति आयोग व पुलिस उपमहानिरीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।

बिहार थाना अध्यक्ष ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करने की जगह कराया फर्जी शादी

पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जांच रिपोर्ट के आधार पर राजेश्वर राव के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करने का आदेश दिया। परंतु बिहार थानाध्यक्ष मामला दर्ज करने की जगह हलफनामा में 3 मार्च 2017 को फर्जी शादी करा कर मामला रफा-दफा कर दिया। राजेश्वर राव उसे लेकर फतेहपुर 84 के सरकारी आवास में रहने लगा। जहां उसके अन्य अवैध संबंध में शामिल महिलाओं के फोन आने पर पूरी जानकारी हुई। अवैध संबंधों के कारण दोनों में आए दिन मुहाचाही होती थी। पीड़ित के अनुसार राजेश्वर राव थाना अध्यक्ष फतेहपुर 84 सामने बंदूक लेकर उसे मारने दौड़ा। जिस पर क्षेत्राधिकारी सफीपुर में राजेश्वर राव से बंदूक ले ली और घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी। क्षेत्राधिकारी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने कई महिलाओं से अवैध संबंध बनाया जाने का मुकदमा पंजीकृत कर राजेश्वर राव को सस्पेंड कर दिया। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद राजेश्वर राव बिहार थाना क्षेत्र स्थित उसके घर पर आकर धमकी देने लगा। मुकदमा खत्म करो वरना तुम्हें जान से मार देंगे।

पारिवारिक परामर्श केंद्र में भी अधिकारियों के दबाव में हुआ झूठा समझौता-

पीड़िता के अनुसार पारिवारिक परामर्श केंद्र सुनवाई के दौरान राजस्थान अधिकारियों के माध्यम से दबाव दिलवाया झूठा समझौता किया। समझौते के अनुसार ₹50000 से खाता खुलवाने, एक एकड़ जमीन और ₹5000 प्रतिमाह खर्चा राजेश्वर राव देगा। समझौता होने के बाद मुकदमा खारिज हो गया। उसके बाद राजेश्वर राव ने अपना स्थानांतरण लखीमपुर खीरी करा लिया। लेकिन ना तो उसे उसने पत्नी माना और ना ही पारिवारिक परामर्श केंद्र में शर्तों के अनुसार खर्चा दिया। इस संबंध में उन्नाव, औरैया व लखीमपुर के पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दे चुकी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग अलीगंज व मुख्यमंत्री तक अपनी फरियाद कर चुकी है। लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। अब जबकि राजेश्वर हो अगस्त महीने में रिटायर होने जा रहा है। पीड़िता और भी परेशान है। पीड़िता ने एक बार फिर पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई। उसने बताया यदि न्याय नहीं मिलता है तो उसके सामने आत्महत्या के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता है।