
धीरेंद्र प्रताप सिंह फोटो सोर्स- X वीडियो ग्रैब
Murder of Dhirendra Pratap Singh in Lucknow: लखनऊ में उन्नाव के रहने वाले धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या से सनसनी फैल गई। जो मूल रूप से उन्नाव के फतेहपुर 84 क्षेत्र के राजेपुर गांव के रहने वाले थे। सोशल मीडिया पर हिंदू संगठन से जुड़े होने का समाचार वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया तो जिले के रहने वाले धीरेंद्र प्रताप सिंह को अपना वीडियो वायरल करना पड़ा। जिसमें उसने बताया कि मैं अभी जिंदा हूं। चैनल वालों को खबर चलाने के पहले पुष्टि कर लेनी चाहिए। मैं अपनी मौत की खबर टीवी सामने बैठकर देख रहा हूं। राजस्थान पत्रिका वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले हिंदू युवा वाहिनी लखनऊ मंडल प्रभारी धीरेंद्र प्रताप सिंह का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि वह जीवित है और सकुशल है। कुछ न्यूज़ चैनलों में फतेहपुर 84 के रहने वाले धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या की खबर को उनसे जोड़कर दिखा रहे है। खबर के साथ उनकी फोटो और हिंदू युवा वाहिनी भी चलाया गया। खबर सामने आने के बाद उनके पास 1 घंटे में करीब दो सैकड़ा फोन आ चुके हैं। सभी से कहना पड़ता है कि वह जिंदा है, वही अपनी मौत की खबर टीवी पर देख रहा हूं।
हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी ने बताया कि चैनल वालों को खबर चलाने के पहले पुष्टि कर लेनी चाहिए। पत्रकारिता का स्तर इतना हल्का नहीं होना चाहिए। इस झूठी खबर के कारण उनके और उनके परिवार के सदस्यों में फोन आ रहे हैं। सभी लोग चिंतित थे। एक बार फिर उन्होंने चैनल वालों को खबर की पुष्टि करने के बाद चलाने की बात कही। बोले मैं जिंदा हूं।
दरअसल जिले के फतेहपुर 84 क्षेत्र के अंतर्गत राजेपुर के रहने वाले धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या बीते 29 अगस्त की शाम को कर दी गई थी। जिसका आरोप उनके ड्राइवर पर लगा है। धीरेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में रहते थे और महाराणा प्रताप चैरिटेबल फाउंडेशन के नाम से एनजीओ चलाते थे। इसके साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते थे। एनजीओ के माध्यम से समाज सेवा का काम करते थे। क्षेत्र में राजनीतिक रूप से भी सक्रिय थे। उनकी हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
धीरेंद्र प्रताप सिंह बीते शनिवार रक्षाबंधन के दिन अपनी छोटी बहन से राखी बंधवाने के लिए आए थे। उसी दिन दोपहर करीब 1 बजे ड्राइवर के साथ वापस लखनऊ चले गए। लेकिन घर नहीं पहुंचे। इसके बाद उनकी हत्या की खबर मिली। पिता कौशल किशोर और मां के साथ परिवार के अन्य सदस्यों का अनुरोध होकर बुरा हाल है।
Updated on:
31 Aug 2026 11:04 am
Published on:
31 Aug 2026 11:02 am
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