
फोटो सोर्स- उन्नाव पुलिस
Police-lawyer violent dispute उन्नाव में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद अदालत परिसर में तनाव बना रहा। बड़ी संख्या में पुलिस बल को लगाया गया था। अदालत की तीखी टिप्पणी के बाद एसपी ने दही थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह पर नई तैनाती की गई है। इसके साथ ही कुल चार इंस्पेक्टर के कार्य क्षेत्र में बदलाव किया गया है। जिसमें सदर कोतवाली प्रभारी सहित तीन थाना प्रभारी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 18 नवंबर की शाम को अदालत परिसर में जमकर हंगामा हुआ। जब दही थाना पुलिस, थाना प्रभारी अविनाश सिंह के नेतृत्व में गिरफ्तार अधिवक्ता पीयूष लोधी और अन्य को रिमांड में लेने के लिए अदालत पहुंची। इसके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज थे। जिनमें से एक हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार की तहरीर पर लिखा गया था। जिसमें हत्या का प्रयास, 7 सीएलए सहित कई अन्य धाराएं शामिल थीं। अदालत में अधिवक्ताओं ने थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मियों को घेर लिया और दोनों पक्षों से झड़प होने लगी।
इधर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) रुचि श्रीवास्तव की अदालत में पीयूष लोधी को रिमांड में लेने की सुनवाई हुई। रिमांड का अधिवक्ताओं ने विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पीयूष लोधी की रिमांड याचिका खारिज कर दी और उसे रिहा करने का आदेश दिया। पीयूष लोधी की व्यक्तिगत सुरक्षा के भी निर्देश दिए गए। बताया जाता है कि जिला जज ने एसपी से बातचीत करके कार्रवाई करने को कहा।
अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हुए टकराव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही। अब तीन थाना प्रभारियों के कार्य क्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। जिसमें दही थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अवनीश कुमार सिंह को पुलिस लाइन बुला लिया गया है। जबकि प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली संजीव कुमार कुशवाहा को प्रभारी निरीक्षक औरास के पद पर भेजा गया है। प्रभारी निरीक्षक औरास ज्ञानेंद्र सिंह को दही थाना प्रभारी बनाया गया है। जबकि प्रभारी डीसीआरबी एवं एसजेपीयू चंद्रकांत मिश्र को प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है।
Updated on:
19 Nov 2025, 7:22 AM IST
Published on:
19 Nov 2025, 7:22 AM IST
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