
Teacher vs Cooks (फोटो सोर्स : Whatsapp Group)
Unnao Viral Video News: उन्नाव जिले के पुरवा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ऊचगांव सानी-1 उस समय हड़कंप मच गया जब विद्यालय में बच्चों के भोजन को लेकर सहायक अध्यापिका और महिला रसोइयों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। यह विवाद केवल स्कूल परिसर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे शिक्षा विभाग की छवि पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, विद्यालय की सहायक अध्यापिका प्रियंका श्रीवास्तव और रसोइयों के बीच मिड डे मील (दोपहर के भोजन) के वितरण को लेकर झगड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि अध्यापिका ने रसोइयों पर बच्चों को ठीक से खाना न परोसने का आरोप लगाया, जबकि रसोइयों ने उल्टा उन पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद कुछ शिक्षामित्रों और ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि पहले अध्यापिका प्रियंका श्रीवास्तव ने रसोइयों को धक्का दिया और मारने की कोशिश की। इसके बाद गुस्साई रसोइयों ने बाल पकड़कर अध्यापिका को जमीन पर पटक दिया और पास में रखे डंडे से पीट दिया।
घटना का वीडियो कुछ ग्रामीणों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में अध्यापिका जमीन पर पड़ी नजर आ रही हैं और दो-तीन महिलाएं उन पर हमला करती दिख रही हैं। वीडियो वायरल होते ही यह मामला पूरे उन्नाव जिले में चर्चा का विषय बन गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक मामला पहुंचा तो आनन-फानन में जांच के आदेश दे दिए गए। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (पुरवा) ने बताया कि, “मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। विद्यालय में सहायक अध्यापिका और रसोइयों के बीच झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। दोनों पक्षों से लिखित बयान लिए जाएंगे। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
घटना के समय स्कूल में दर्जनों बच्चे मौजूद थे। अचानक हुए इस विवाद और मारपीट से बच्चे सहम गए। कुछ छोटे बच्चे डर के कारण रोने लगे। बच्चों के अभिभावक जब स्कूल पहुंचे तो उन्होंने इस तरह के बर्ताव पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि “जहां बच्चों को शिक्षा और संस्कार मिलना चाहिए, वहां शिक्षक और रसोइए आपस में लड़ रहे हैं-यह बेहद शर्मनाक है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कहा कि यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर धब्बा है। “मैडम जी” के खिलाफ और रसोइयों के खिलाफ दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आ रही हैं। अब यह जिम्मेदारी प्रशासन की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
रसोइयों का कहना है कि सहायक अध्यापिका लंबे समय से उनके साथ दुर्व्यवहार कर रही थीं। वे उन पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती थीं और भोजन वितरण में दखल देती थीं। एक रसोइया ने कहा, “मैडम हमें सबके सामने डांटती थी, कहती थीं कि हम ठीक से काम नहीं करते। उस दिन उन्होंने हाथ उठा दिया, तो हमसे भी रहा नहीं गया। दूसरी ओर अध्यापिका प्रियंका श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने केवल बच्चों के हित में रसोइयों को समझाया था, लेकिन उन्होंने बदसलूकी की और हमला कर दिया। “मैं सरकारी कर्मचारी हूं, उन्होंने मुझे जमीन पर गिराकर पीटा। इससे मेरी गरिमा को ठेस पहुंची है।
घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुरवा थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मारपीट और अभद्र व्यवहार के मामले में जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि वायरल वीडियो को जांच में शामिल किया गया है। “दोनों पक्षों की तहरीर मिली है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।
यह मामला केवल एक झगड़ा नहीं, बल्कि सरकारी विद्यालयों में अनुशासन, कार्य-संस्कृति और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि ब्लॉक स्तर पर अक्सर शिक्षकों और रसोइयों के बीच समन्वय की कमी रहती है। मिड डे मील जैसी योजनाओं में बार-बार विवाद सामने आते हैं, लेकिन इस बार मामला हिंसक हो जाने से विभाग के अधिकारी भी असहज हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि यह मामला पूरे समुदाय के लिए शर्मनाक है। एक बुजुर्ग ने कहा, “बच्चे इन्हीं से सीखते हैं। अगर स्कूल में ही झगड़ा होगा तो बच्चे क्या सीखेंगे? यह शिक्षा का मंदिर है, अखाड़ा नहीं। घटना के बाद विद्यालय में उपस्थिति बेहद कम रही। अध्यापक और रसोइए दोनों अनुपस्थित रहे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
Updated on:
01 Nov 2025 10:11 pm
Published on:
01 Nov 2025 10:11 pm
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