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Unnao Rape Case: कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी का पत्र गृहमंत्री अमित शाह के नाम, मांगी पीड़िता की सुरक्षा

Unnao rape case: तिहाड़ जेल में बंद पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पुत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। पीड़िता और उसके पक्ष के सभी लोगों को सुरक्षा देने की मांग की है।

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ऐश्वर्या सिंह सिंगर (फोटो सोर्स- एएनआई)

फोटो सोर्स- एएनआई

Unnao Rape Case: कुलदीप सिंह सेंगर की पुत्री ऐश्वर्या सिंह सेंगर ने गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने पीड़िता और उनके परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है। अपने पत्र में ऐश्वर्या सिंह ने लिखा है कि जब भी उनके साथ कुछ अच्छा होने वाला होता है, कोई ना कोई घटना कर दी जाती है और एक जन आंदोलन खड़ा कर दिया जाता है। जिसके दबाव में न्यायालय से उनके पिता को न्याय नहीं मिल पाता है। उन्होंने अपने पत्र में लखनऊ मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह का प्रयास, सड़क दुर्घटना आदि मामलों का भी जिक्र किया है। ‌

मांगी दुष्कर्म मामला

उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जब हाई कोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया। इसके खिलाफ दिल्ली में विपक्षी पार्टी और कई संगठनों ने आंदोलन किया। इस दौरान जमकर धरना प्रदर्शन हुआ। पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। कुलदीप सिंह सेंगर की पुत्री का मानना है कि जन आंदोलन और विरोध के कारण उनके पिता को न्याय नहीं मिल रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।

शिकायतकर्ता एक बार फिर दे रही धमकी

कुलदीप सिंह सेंगर की पुत्री ऐश्वर्या सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि शिकायतकर्ता के साथ कोई भी घटना होती है तो एक आंदोलन शुरू हो जाता है और आरोप उनके पिता पर लगा दिया जाता है। दबाव में बिना जांच के उनके पिता के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है। शिकायतकर्ता सार्वजनिक मंच, सोशल मीडिया, मीडिया पर आत्महत्या और जान को खतरा होने जैसे बयान देकर एक बार फिर दबाव और डर का माहौल बना रही है।

आत्मदाह और सड़क दुर्घटना के बाद की गई कार्रवाई

ऐश्वर्या सिंह सेंगर ने लिखा कि 2018 में मुख्यमंत्री आवास के सामने शिकायतकर्ता ने आत्मदाह का प्रयास किया। इसके बाद पूरा मामला अचानक दूसरी दिशा में चला गया। उनके पिता के खिलाफ कोई ठोस और वैज्ञानिक सबूत न होने के बाद भी माहौल के दबाव में कार्रवाई कर दी गई। सड़क दुर्घटना मामले में भी सीबीआई, आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ, सीएफएल जैसी संस्थाओं ने जांच की और उन्होंने इसे हादसा माना था। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी दुर्घटना मामले में दोष मुक्त कर दिया था। हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ कोई अपील नहीं की गई। लेकिन दुर्घटना को लेकर आज भी उनके पिता को हादसे का जिम्मेदार बताया जाता है।

नकारात्मक माहौल बनाने की तैयारी

ऐश्वर्या सिंह सेंगर ने लिखा कि जब भी कोई कानूनी फैसला उनके पक्ष में आने वाला होता है, उनके पिता के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाकर आंदोलन शुरू कर दिया जाता है। जिससे पिता की निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो जाती है। उन्होंने गृह मंत्री से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट में उनके मामले की सुनवाई हो रही है। फिर से शिकायतकर्ता की तरफ से माहौल खराब किया जा रहा है।

यह चिट्ठी किसी के खिलाफ नहीं

यह चिट्ठी किसी के खिलाफ नहीं है। लेकिन समय रहते मामले की गंभीरता को समझा जाए और उनके पिता को भविष्य में होने वाली किसी घटना के लिए बिना जांच के दोषी न ठहराया जाए। इसके लिए शिकायतकर्ता और उनके पक्ष के सभी बच्चों को आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए। नहीं तो फिर ऐसी परिस्थितियाँ बना दी जाएँगी।