28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UPPCS प्रीलिम्स एग्जाम को लेकर आया बड़ा फैसला, अब 22 दिसंबर को दो शिफ्ट में होगी परीक्षा

UP PCS Exam 2024: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी की गई नोटिस में बताया गया कि पहले पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 7 और 8 दिसंबर 2024 को आयोजित होने वाली थी, लेकिन अब इसे एक ही दिन 22 दिसंबर को दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

प्रयागराज

•

image

Anand Shukla

•

Updated: 15 Nov 2024, 4:04 PM IST

UPPSC announces new date for PCS exam will be held in two shifts on 22 December

UPPCS Exam 2024: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 2024 के पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब यह परीक्षा एक ही दिन, यानि 22 दिसंबर 2024 को आयोजित की जाएगी। आयोग ने इस परीक्षा को पहले दो दिनों में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन छात्र- छात्राओं के विरोध और प्रयागराज में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद इस निर्णय को बदला गया है।

आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पहले पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 7 और 8 दिसंबर 2024 को आयोजित होने वाली थी, लेकिन अब इसे एक ही दिन 22 दिसंबर को दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक होगा और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी।

इस निर्णय से छात्र संतुष्ट हैं। पहले दो दिनों तक परीक्षा आयोजित होने के ऐलान से वो नाराज थे और सड़क पर उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी किया था।

RO/ARO परीक्षा को लेकर गणित की गई समिति

सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने आरओ (रेवेन्यू ऑफिसर) और एआरओ (असिस्टेंट रेवेन्यू ऑफिसर) परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर भी एक समिति गठित की है। यह समिति परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए काम करेगी, जिससे परीक्षा में पारदर्शिता और छात्रों को बेहतर अनुभव मिल सके।

छात्रों के विरोध के बाद आयोग ने लिया ये फैसला

बता दें कि आयोग ने यह फैसला प्रयागराजमें छात्रों के विरोध के बाद लिया है। छात्रों का कहना था कि परीक्षा को दो दिनों में विभाजित करने से उन्हें अत्यधिक तनाव और कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा, छात्रों को एक दिन में दोनों सत्रों के बीच का समय काफी लंबा लग रहा था। इस विरोध को देखते हुए यूपीपीएससी ने छात्रों की परेशानियों को समझते हुए परीक्षा को एक दिन में आयोजित करने का निर्णय लिया।