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Son-Father Relation: पिता-पुत्र में मतभेद ज्यादा रहते हैं तो करें ये उपाय

पिता और पुत्र के बीच मतभेद आज के समय में एक आम समस्या बनती जा रही है। गलतफहमियां, अहं और भावनात्मक दूरी रिश्तों में तनाव बढ़ा देती है। ज्योतिष के अनुसार कुछ सरल और शास्त्रसम्मत उपाय अपनाकर इस संबंध में प्रेम, सम्मान और सामंजस्य दोबारा स्थापित किया जा सकता है।

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(PC: GEMINI GENERATED)

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पिता का संबंध सूर्य ग्रह से और पुत्र का संबंध चंद्रमा व बुध ग्रह से माना जाता है। कुंडली में सूर्य, चंद्रमा या बुध के कमजोर होने पर पिता–पुत्र के बीच विचारों का टकराव, संवाद की कमी और मतभेद बढ़ने लगते हैं। ऐसे में ग्रहों को संतुलित करने वाले उपाय बहुत प्रभावी माने जाते हैं।

रविवार का उपाय: सूर्य को मजबूत करें

यदि पिता और पुत्र में मतभेद अधिक रहते हैं तो रविवार के दिन यह उपाय अवश्य करें।

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान सूर्य को जल में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर अर्घ दें। इसके बाद पांच जरूरतमंद लोगों को आधा-आधा किलो गुड़ का दान करें।

सूर्यदेव से प्रार्थना करें कि पिता–पुत्र के बीच के मतभेद दूर हों और रिश्ते में सम्मान बना रहे। यह उपाय पिता और पुत्र दोनों कर सकते हैं।

भगवान शिव की पूजा से मिलेगा मानसिक शांति का लाभ

प्रतिदिन या कम से कम सोमवार के दिन भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

पूरे शिव परिवार का जल से अभिषेक करें, भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाएं और गणेश जी को धूप अर्पित करें।

इसके बाद शिव आरती करें और प्रार्थना करें कि आपसी तनाव, क्रोध और गलतफहमियां समाप्त हों।

शिव पूजन से चंद्रमा ग्रह मजबूत होता है, जिससे भावनात्मक संतुलन बढ़ता है।

बुधवार का उपाय: संवाद और समझ बढ़ाएं

महीने में एक बार बुधवार के दिन गौशाला जाकर गौ माता को हरा चारा खिलाएं।

यह उपाय बुध ग्रह को मजबूत करता है, जो संवाद, समझदारी और बुद्धि का कारक है।

इससे पिता और पुत्र के बीच बातचीत बेहतर होती है और रिश्ते में मधुरता आती है।

हल्के रंग के कपड़े क्यों हैं जरूरी?

ज्योतिष के अनुसार सफेद, क्रीम, ऑफ-व्हाइट और हल्का ब्राउन जैसे रंग मन को शांत रखते हैं।

इन रंगों के कपड़े पहनने से क्रोध कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।