
UP Police
इलाहाबाद. यूपी पुलिस कितनी चुस्त है इसका खुलासा हाईकोर्ट में हो गया। हाईकोर्ट में जज ने जब आरोपी का नाम पूछ लिया तो दरोगा के होश ही उड़ गये। कोर्ट के सामने ही दरोगा आरोपी का नाम नहीं बता पाया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि जब आरोपी का नाम ही नहीं याद है तो उसे गिरफ्तार क्या करेंगे। कोर्ट ने कहा कि सरकार भी विवश है कि निकम्मे पुलिस अधिकारियों को कहा ले जाये। ऐसे लोगों बर्खास्त हो या रिटायर कर दिया जाये। इसके बाद हाईकोर्ट ने एसएसपी समेत तीन अधिकारियों को तलब कर लिया है।
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न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा व न्यायमूर्ति जेजे मुनीर के खंडपीठ की टिप्पणी नेे पुलिस की लचर कार्यप्रणाली की एक बार फिर पोल खोल दी है। कोर्ट एक नाबालिक लड़की के अपरहण के मामले की सुनवाई कर रही है। पुलिस अभी तक लड़की को बरामद कराने में नाकाम साबित हुई है। इलाहाबाद के धूमनगंज निवासी वसीम फातिमा की याचिका कोर्ट सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने जब पुलिस वालों से आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी पूछी तो बताया गया कि एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है। पुलिस ने कोर्ट के सामने दावा किया था कि तीन से चार दिन में लड़की बरामद कर ली जायेगी। धूमनगंज थाना प्रभारी ने बताया कि १२ गैर जमानती वारंट अभी तामील कराये जाने हैं। थाना प्रभारी के इसी बयान पर कोर्ट ने मुख्य आरोपी का नाम पूछा था, जिसे पुलिस नहीं बता सकी। इसके बाद ही कोर्ट ने पुलिसकर्मी पर तल्ख टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि वकील को धमकाना आपराधिक अमानना है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि दोनों थानों (धूमनगंज व खुल्दाबादा)में अपराध ज्यादा क्यों है। अनिल तिवारी ने कोर्ट से कहा कि धूमनगंज एचएचओ तहरीर बदलने का दबाव बनाते हैं। प्राथमिकी दर्ज करने गये वकील के सामने ही दरोगा आरोपी से फोन पर बात करते हैं। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि निर्देश का पालन नहीं करें नहीं तो दोनों थाना प्रभारियों की आय की जांच करायी जायेगी। इसके बाद कोर्ट ने एसएसपी से लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने को भी कहा है।
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कोर्ट ने कहा कि २० लड़की तक लड़की नहीं हुई पेश तो तलब होंगे डीजीपी
कोर्ट ने कहा कि किसी भी कीमत पर २० नवम्बर को अपहृत नाबालिग लड़की की बरामदगी करके उसे कोर्ट में पेश किया जाये। इसके अतिरिक्त सभी आरोपियों की इसी अवधि में गिरफ्तारी भी हो जानी चाहिए। कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त अवधि में निर्देश का पालन नहीं होता है तो डीजीपी को तलब किया जायेगा। इसके बाद जिम्मेदार पुलिस वालों पर कार्रवाई करने के साथ ही कोर्ट अपनी निगरानी में आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही लड़की की बरामदगी सुनिश्चित करायेगी।
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Updated on:
14 Nov 2017, 12:33 PM IST
Published on:
14 Nov 2017, 12:33 PM IST
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