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प्रत्याशियों को जिता कर भी हार सकते हैं विरोधी दल, बीजेपी का खास प्लान तैयार

नगर निगम चुनाव के लिए बनायी गयी रणनीति, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 18 Nov 2017, 5:30 PM IST

BJP

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वाराणसी. बीजेपी लगातार चुनाव जीत रही है। अनेक राज्यों में बीजेपी की सत्ता मिल गयी है। इसके बाद भी बीजेपी विरोधी दलों में सेंधमारी करने से पीछे नहीं हट रही है। बीजेपी ने यूपी नगर निगम चुनाव के लिए भी खास प्लान बनाया है और इसी प्लान के तहत पार्टी काम कर रही है।
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बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने गुजरात चुनाव के लिए सारी ताकत लगायी है, जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ व उनकी टीम को नगर निगम चुनाव जीताने की जिम्मेदारी मिली है। सीएम योगी भी लगातार जनसभा कर रहे हैं। बीजेपी का सारा ध्यान मेयर पद पर टिका हुआ है। वर्ष २०१२ में हुए नगर निगम चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिली थी। यूपी में उस समय १४ मेयर का पद था, जिसमें से १० पद पर बीजेपी के प्रत्याशी को जीत मिली थी जबकि तीन सपा व एक कांग्रेस के खाते में गयी थी। कांग्रेस की मेयर अभिलाषा गुप्ता ने बाद में बीजेपी का दामन थाम लिया था इस तरह बीजेपी के मेयर की संख्या ११ हो गयी थी। इस बार यूपी में १६ मेयर पद के लिए चुनाव हो रहा है। बीजेपी को न्यूनतम १२ सीट पर जीतना होगा। ऐसे में बीजेपी ने सारी ताकत मेयर प्रत्याशी पर ही लगायी हुई है।
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पार्षद प्रत्याशी के लिए बीजेपी का खास प्लान तैयार
बीजेपी को वार्ड में अधिक जीत नहीं मिलती है इसलिए बीजेपी इन पदों पर अधिक ध्यान नहीं दे रही है। बीजेपी सूत्रों की माने तो नगर निगम चुनाव परिणाम आने के बाद पता चल जायेगा कि बीजेपी को कितने सीट पर जीत मिलती है। इसके बाद चुनाव में विजयी हुए निर्दलीय प्रत्याशियों को बीजेपी में शामिल किया जा सकता है। अन्य दलों के प्रत्याशियों में भी सेंधमारी की जा सकती है। इससे साफ हो जात है कि बीजेपी के लिए पार्षद पद पर हार व जीत का अधिक महत्व नहीं है क्योंकि दूसरे दलों के नेता को पार्टी में शामिल होने की जो मुहिम चल रही है वह आगे भी चलती रहेगी।
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