
वाराणसी. बजट 2018 से किसानों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जाग गयी है यह अपने आप में अनूठा बजट है। अर्थशास्त्री डा.अनूप कुमार मिश्रा का कहना है कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने दो वर्ष पूर्व गांव की जो दिशा तय की थी उसी अनुसार बजट में प्रावधान किया गया है।
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डा.अनूप ओझा ने बताया कि सबसे अच्छी बात है कि गरीबों के स्वास्थ्य के लिए इस बजट में बड़ा काम किया गया है।10 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा की सौगात मिली है, जिससे प्रत्येक परिवार एक वर्ष में पांच लाख तक का स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकता है यह योजना गरीबों के लिए बहुत कारगर साबित होगी। चुनावी बजट के प्रश्र पर कहा कि पहले ऐसा ही माना जा रहा था लेकिन अब कहा जा सकता है कि चुनाव को ध्यान में रख कर बजट नहीं बनाया गया है। उद्योग जगत को बजट में छूट नहीं मिली है। मध्यम वर्ग को बजट में जो छूट दी गयी है वह शिक्षा व स्वास्थ्य में एक प्रतिशत सेस लगाने से छूट का लाभ नहीं मिल पायेगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राजकोषीय घाटा को संतुलित रखने के लिए भी प्रावधान किया है।
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उद्योगपति करेंगे खेती में निवेश तो टैक्स में मिलेगी पूरी छूट
डा.अनूप मिश्रा ने बताया कि केन्द्र सरकार ने किसानों को राहत देने के संकेत दिये हैं। पहली बार उपज का डेढ़ गुना पैसा देने की बात कही गयी है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा होगा। बजट में किसानों को ऋण देने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अतिरिक्त उद्योगपति किसानी क्षेत्र में १०० करोड़ तक निवेश करते हैं तो उन्हें टैक्स नहीं देना होगा। सरकार के इस नियम से उद्योगपति भी खेती व किसानी से जुडेंगे। लघु व कुटीर उद्योग के लिए अलग से बजट में कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कुछ उत्पादों में कस्टम ड्यूटी पांच प्रतिशत तक बढ़ायी गयी है जिसका लाभ मेड इन इंडिया के तहत बनने वाले उत्पाद व लघु उद्योग को होगा।
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