जंगमबाड़ी निवासी अरविंद तिवारी के मोबाइल पर 9 जून को एक कॉल आती है। फोन करने वाला कहता है कि मैं गायत्री प्रजापति बोल रहा हूं। वर्ष 2014 में जो टेंडर हुआ था उसका कमीशन अभी तक नहीं मिला है।लखनऊ जेल में आकर मुझसे मिले और टेंडर का कमीशन भी लेते आना। इस पर पीडि़त ने कहा कि खनन की नयी नीति बनने के चलते पुराना टेंडर निरस्त हो गया था।फोन करने वाले ने कहा कि यदि बात नहीं मानी तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद अरविंद तिवारी डर गये और दशाश्वमेध पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने लगे। पूर्व मंत्री का मामला होने के चलते पुलिस ने भी सक्रियता नहीं दिखायी। इसके बाद पीडि़त ने सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर डीजीपी ओपी सिंह को पत्र लिख कर सारी स्थिति से अवगत कराया है। मामला जब उपर पहुंचा तो एक्शन में आयी पुलिस ने दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दशाश्वमेध पुलिस का कहना है कि जिस नम्बर से फोन आया था उसकी जांच क जा रही है इसके बाद ही पता चलेगा कि धमकी किसने दी है।
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