
वाराणसी. सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास की जन्मस्थली की सुरक्षा व्यवस्था की निगहबानी ड्रोन कैमरे से हो रही है। मंगलवार को ड्रोन के जरिए वहां की सुरक्षा व्यवस्था को देखा गया है। ३१ जनवरी को संत रविदास की जयंती पर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ आने वाले हैं। डेरा सच्चखंड बल्लां, जालंधर के मौजूदा गद्दीनशीन संत निरजंन दास ने निरीक्षण करके तैयारियों का जायजा लिया है।
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माघ पूर्णिमा के दिन संत रविदास की जयंती होती है। जयंती में शामिल होने के लिए देश व दुनिया से लाखों लोग आते हैं। इस बार भी पांच लाख से अधिक भीड़ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। संत रविदास की जयंती पर पहली बार खुद सीएम योगी आदित्यनाथ भी आयेंगे। डेरा सच्चखंड बल्लां, जालंधर के मौजूदा गद्दीनशीन संत निरजंन दास भी यहां पर पहुंच गये हैं। संत रविदास जयंती स्थल का निरीक्षण करके तैयारियों का जायजा लिया है।
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जयंती के दिन सुरक्षा के रहेंगे सख्त बंदोबस्त
संत रविदास की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किये गये हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर बीएचयू उतरेगा और फिर वहां से जयंती स्थल के लिए जायेंगे। सीएम योगी यहां पर संत रविदास का दर्शन करके के साथ लंगर में प्रसाद भी छकेंगे। सीएम योगी के आगमन व लाखों लोगों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किये हैं। बाहर जिलों से भी फोर्स मंगा कर यहां पर लगायी गयी है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ के भाग लेने के हैं राजनीतिक मायने
संत रविदास जयंती के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ के जाने के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। इस दौरे को यूपी के बाहर भी सीएम योगी आदित्यनाथ का जनाधार बढ़ाने से जोड़ कर देखा जा रहा है। संत रविदास जयंती के अवसर पर देश से लाखों लोग आते हैं उनके बीच सीएम योगी का जाने से बीजेपी को फायदा होगा। आरएसएस को पीएम नरेन्द्र मोदी का विकल्प सीएम योगी आदित्यनाथ को बनाने में अधिक दिक्कत नहीं होगी।
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