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थाने में पिटायी के बाद हुई राकेश की मौत प्रकरण में सभी आरोपी पुलिसकर्मी बरी

कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए तत्कालीन सीओ व अन्य पुलिसकर्मी को किया बरी, जानिए क्या है कहानी
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 8 Nov 2017, 8:32 PM IST

Varanasi Court News

Varanasi Court News

वाराणसी. चर्चित राकेश बिज हत्याकांड के आरोपी सभी पुलिसकर्मियों को कोर्ट ने बुधवार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अपर जिला जज (एकादश) राजेश्वर शुक्ला की अदालत ने तत्कालीन सीओ जयप्रकाश सिंह, एआई रमाशंकर यादव, राजेन्द्र प्रसाद सिंह व सिपाही गोरखनाथ सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी है। हत्या के आरोपी रहे एक पुलिसकर्मी राजनारायण सिंह की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गयी थी।
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भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड निवासी राजकुमार बिज का आरोप था कि उनके पुत्र राकेश बिज को भेलूपुर पुलिस संजय सिंह की हत्या में पूछताछ के नाम पर थाने ले आयी थी। राजकुमार बिज जब भेलूपुर थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने बताया कि मर्डर केस में राकेश बिज से पूछताछ हो रही है। राजुकार बिज का आरोप है कि पुलिस ने राकेश की जमकर पिटायी की थी, जिससे वह कोमा में चला गया था। बाद में पुलिस ने ही राकेश को बीएचयू में भर्ती कराया था कुछ दिन इलाज के बाद युवक की मौत हो गयी थी। इसके बाद मामले ने तुल पकड़ लिया था और एसएसपी के आदेश पर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया था। इसके बाद १४ अक्टूबर १९९८ में मामले की सारी जांच सीबीसीआइडी को सौंपा गया था और सीबीसीआइडी ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से कुल ९ गवाह पेश किया गया था। कोर्ट ने सभी साक्ष्यों व बयान के आधार पर आरोपी पुलिसकर्मियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया है।
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पुलिस प्रशासन की हुई थी किरकिरी
राकेश बिज मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई थी। मीडिया में कई दिनों तक राकेश बिज प्रकरण ही हावी था। कोर्ट का निर्णय आने के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय अदालत के निर्णय को वादी हाईकोर्ट में चुनौती देते हैं तो एक बार फिर से मुकदमे की सुनवाई शुरू हो जायेगी। ऐसा नहीं होने पर पुलिसकर्मियों को मिली राहत बरकरार रहेगी।
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