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ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने किया है विरोध, जानिए क्या है कहानी
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Kashi Vishwanath Mandir and Gyanvapi Campus

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वाराणसी. ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग को लेकर दायर की गयी याचिका पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने मंगलवार को फैसला सुरक्षित रखा है। संभावना जतायी जा रही है कि इस मामले में पांच फरवरी को कोर्ट कोई निर्णय सुना सकता है। मुकदमे में नियुक्त वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने ज्ञानवापी मस्जिद का भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) से सर्वेक्षण करने की अर्जी दी थी जिसका विपक्षी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद और सुन्नी वक्फ बोर्ड (लखनऊ ) ने विरोध दर्ज करते हुए आपत्ति दाखिल की है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
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स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान विश्वेश्वर की तरफ से पंडित सोमनाथ व्यास और अन्य ने सबसे पहले इस मामले को लेकर मुकदमा दायर किया था जिस पर २२ साल बाद स्थानीय कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई है। इसी मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपनी आपत्ति दाखिल की है। मंगलवार को अंजुमन इंतजामिया के वकील एखलाक अहमद और वक्फ बोर्ड के वकील तौहीद खां ने कोई में इस मामले में हाईकोर्ट में प्रकरण लंबित होने व स्टे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कोर्ट (सिविल जज) को मुकदमे की सुनवाई का अधिकार नहीं है। सुनवाई को स्थगित किया जाना चाहिए। वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने विपक्षियों की आपत्ति का विरोध किया। कहा कि हाईकोर्ट का स्थगन आदेश समाप्त होने के बाद सुनवाई आरंभ हुई है। कोर्ट में दोनों पक्षों ने दमदारी के साथ अपना पक्ष रखा है। सबकी बात सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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