
Jail Mobile
वाराणसी. पूर्वांचल की जेलों में मोबाइल खेल के आगे सीएम योगी की पुलिस का एनकाउंटर भी फेल हो गये हैं। बदमाशों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस लगातार एनकाउंटर कर रही है और माना जा रहा था कि पुलिस के खौफ के चलते बदमाश अपनी जमानत तुड़वा कर जेल जा रहे हैं जबकि वास्तविकता कुछ और है। यूपी सरकार में अधिकारियों की मिलीभगत से जेल के अंदर मोबाइल पहुंच रहा है और बैरक की सुरक्षा में बंद अपराधी आराम से जरायम की दुनिया चला रहे हैं।
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जेल में जाने के बाद भी अपराधियों की वसूली नहीं रुक रही है। अपराधियों को बाहर पुलिस का डर सता रहा है तो वह जमानत तुड़वा कर जेल पहुंच रहे हैं जहां से वह धड़ल्ले से मोबाइल का प्रयोग कर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस व जिला प्रशासन के छापे में जेल में मोबाइल मिलना आम हो चुका है। आश्चर्य की बात है कि जेल में जितनी बार भी मोबाइल मिला है तो जिम्मेदार अपराधियों पर मुकदमे दर्ज किये गये हैं लेकिन जेल में मोबाइल कैसे पहुंचा और इसके लिए दोषी अधिकारियों पर कभी गाज नहीं गिरी है, जिसके चलते आराम से जेल में मोबाइल पहुंचाने का खेल जारी है।
मोबाइल व सिम अलग-अलग कर गड्ढे में छिपा दिया जाता
पुलिस सूत्रों की माने तो जेल में विभागीय मिलीभगत के चलते मोबाइल, सिम व चार्जर पहुंचाया जाता है। इसके बाद मोबाइल व सिम को अलग-अलग कर जेल में गड्ढा कर छिपा दिया जाता है। जिस बंदी से सुविधा शुल्क मिलता है उसे कुछ देर के लिए मोबाइल दे दिया जाता है बाद में उस मोबाइल को बैरक से हटा कर परिसर में ही छिपाया जाता है। क्राइम ब्रांच को लगातार जेल से मोबाइल चलने की जानकारी मिलती रहती है और जब छापा मार कर मोबाइल बरामद किया जाता है तो कहा जाता है कि बाहर से जेल के अंदर मोबाइल फेंका गया होगा।
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स्थिति इतनी खराब की पूर्व मंत्री के नाम से ही जेल से मांगा गया कमीशन
यूपी सरकार में जेल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के नाम से बनारस से एक व्यक्ति से खनन का कमीशन मांगा जाता है पहले तो पुलिस मुकदमा ही दर्ज नहीं करती है लेकिन सीएम योगी से लेकर डीजीपी ओपी सिंह के दबाव में मुकदमा दर्ज हो जाता है और प्रारंभिक जांच में पता चलता है कि लखनऊ जेल से ही फोन आया था।
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जानिए कब-कब जेल से मिले मोबाइल
19 जून 2018 को जेल प्रशासन ने पांच मोबाइल बरामद कर पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था
9 जून 2018 को लखनऊ जेल से पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के नाम से लखनऊ जेल से मांगा गया कमीशन
चार जून 2018 को गाजीपुर जेल से रवीन्द्र पटेल नामक अपराधी से जेल से पांच बीजेपी सभासदों को फोन कर धमकी दी गयी
27 अप्रैल 2018 में एसएसपी व डीएम के छापे में बनारस की जिला जेल से आठ 4 जी मोबाइल, 9 सिम व चार्जर मिले
3 फरवरी 2018 को बनारस जिला जेल के बैरक नम्बर पांच से पांच मोबाइल मिले
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जैमर का बहाना है जेल के अंदर मोबाइल पहुंचाना है
बनारस जिला जेल में 2 जी जैमर लगा है जिसके चलते जेल के अंदर से 3 जी व 4 जी मोबाइल का प्रयोग नहीं रोकने की बात कही जाती है लेकिन शासन से लेकर जेल अधिकारी भी यह नहीं बता पाते हैं कि जेल के अंदर मोबाइल पहुंचता कैसे है यदि जेल में मोबाइल नहीं पहुंचेगा तो जैमर की भी जरूरत नहीं होगी। जेल से कचहरी जाते व वहां से वापस जेल में जाते समय अपराधियों की गहन तलाशी ली जाती है इसके बाद भी जेल मे मोबाइल पहुंच रहा है जिससे साफ हो जाता है कि विभागीय मिलीभगत से जेल में बंद अपराधियों को अपराध करने की सारी सुविधा मुहैया करायी जा रही है।
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Published on:
2 Jul 2018, 8:00 PM IST
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