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GST से नहीं बच पाया रावण का परिवार, जलने से पहले ही गिर पड़ा कुंभकर्ण

डीरेका में ३० सितम्बर को मनाया जायेगा विजय दशमी का पर्व, जानिए क्या है कहानी
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DLW Ravan efiggy

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वाराणसी. जीएसटी को लेकर सियासी तुफान मचा हुआ है। विरोधी दलों ने बीजेपी सरकार पर जीएसटी के चलते अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने का आरोप लगाया हुआ है। जीएसटी की मार से रावण भी नहीं बचा है। डीरेका का प्रसिद्ध दशहरा भी जीएसटी की मार से कहरा रहा है।

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डीरेका में ३० सितम्बर को रावण दहन होना है। शुक्रवार को डीरेका मैदान में रावण के साथ उसके भाई कुंभकर्ण व मेघनाद के भी पुतले लगाये जा रहे थे। रावण व मेघनाद का पुतला तो रस्सी के सहारे खड़ा कर दिया गया था, लेकिन कुंभकर्ण का पुतला अभी आधा ही खड़ा हुआ था कि नीचे से टूट कर गिर गया। डीरेका मैदान में बच्चे ही रस्सी खींच कर रावण परिवार के पुतलों को खड़ा कर रहे थे। कुंभकर्ण का पुतला टूटते ही बच्चे घबरा गये थेे, लेकिन बाद में आयोजक दल के सदस्यों ने किसी तरह पुतले को खड़ा किया, तब जाकर सभी ने राहत की सांस ली।
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रावण का पुतले पर भी पड़ी जीएसटी की मार
डीरेका रामलीला समिति के लोगों ने बताया कि पूर्व वर्ष में एक लाख रुपये तक में रावण परिवार का पुतला बन जाता था इस बार जीएसटी के चलते इसकी लागत १.२० लाख आयी है। रावण के पुतले को बांधने वाली रस्सी ही २० हजार रुपये की पड़ी है।
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डीरेका में जलेगा ७५ फुट का रावण
डीरेका में इस बार ७५ फुट का रावण दहन किया जायेगा। कुंभकर्ण ६५ फुट तो मेघनाद ६० फुट का होगा। इसके अतिरिक्त दशहरा पर रामनगर व मलदहिया में भी रावण के पुतले का दहन किया जाता है। डीरेका में उमडऩे वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के खास बंदोबस्त किये गये हैं।
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