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कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर की कोर्ट में पेशी, अब 25 सितम्बर को होगी अगली सुनवाई

बसपा सरकार के समय दर्ज हुआ था मुकदमा, सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार पर केस वापस नहीं लेने का आरोप
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 27 Jul 2018, 8:29 PM IST

Om Prakash Rajbhar

Om Prakash Rajbhar

वाराणसी. यूपी के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर सहित नौ सुभासपा के नेता एक पुराने मामले में कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने अगली तिथि 25 सितम्बर को निर्धारित की है। ओमप्रकाश राजभर ने सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यूपी सरकार चाहती तो राजनीतिक मुकदमे वापस ले सकती थी लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।
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ओमप्रकाश राजभर के अनुसार चौबेपुर थाना क्षेत्र में वर्ष2010 में गरीबो के मकान पर बुलडोजर चलाने के विरोध में जिला मुख्यालय पर धरना दे रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने ओमप्रकाश राजभर सहित अन्य लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने ओमप्रकाश राजभर सहित नौ लोगों को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में १३ दिन रहने के बाद सभी को जमानत मिली थी इसी मामले में कोर्ट की तरफ से ओमप्रकाश राजभर सहित नौ सुभासपा नेताओं को वारंट जारी किया गया था जहां पर सभी लोग उपस्थित हुए थे।
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बीजेपी नेताओं पर दर्ज मुकदमे हुए वापस
ओमप्रकाश राजभर के अनुसार बसपा सुप्रीमो मायावती के कार्यकाल में ही उनके उपर लाठीचार्ज किया गया था। अखिलेश यादव ने अपनी सरकार रहते हुए सपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज राजीनीतिक मुकदमे वापस लिए थे। ओमप्रकाश राजभर के आरोप है कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बीजेपी नेताओं पर दर्ज राजनीतिक मुकदमे वापस लिए थे। सीएम योगी सरकार को कई बार आवेदन देकर मुकदमे वापस लेने का अनुरोध किया गया था लेकिन सरकार ने नहीं सुनी।
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तल्ख होते जा रहे बीजेपी व सुभासपा के रिश्ते
बीजेपी व सुभासपा के रिश्ते तल्ख होते जा रहे हैं। स्थिति इतनी खराब हो गयी थी कि बेटे के प्रीतिभोज के पहले ओमप्रकाश राजभर के आवास की सड़क नहीं बनी थी जिस पर ओमप्रकाश राजभर को खुद ही फावड़ा चलाना पड़ा था। पीएम नरेन्द्र मोदी की सभा में भी ओमप्रकाश राजभर को आमंत्रित नहीं करने पर सुभासपा ने विरोध दर्ज कराया था। लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए बीजेपी व सुभासपा ने अपना गठबंधन नहीं तोड़ा है। यूपी सरकार ने दो दिन पहले ही कैबिनेट मंत्री के आवास के सामने सड़क बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों दलों का झगड़ा सुलझने की राह पर है।
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