वाराणसी. वर्ष 2014 का संसदीय चुनाव और पीएम मोदी की चाय की दुकान। पीएम मोदी ने बचपन में चाय बेचने की कहानी क्या सुनायी कि बीजेपी कि किस्मत ही पलट गयी और पहली बार बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बन गयी। इसके बाद भी चाय पर चर्चा का दौर जारी है। इसी चर्चा में सोमवार को एक और कहानी जुड़ गयी है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव में एक चाय बेचने वाले ने चुनाव जीत कर अपनी क्षमता साबित की। जबकि दूसरी तरफ अध्यक्ष बने अनूप सोनकर का नाम भी इतिहास में दर्ज हो गया है। सबसे अधिक झटका कांग्रेस के छात्र संगठन राछास को हुआ है और उसका खाता तक नहीं खुला है।