पीएम नरेन्द्र मोदी के सहारे ही बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2019 में विजय पाने की तैयारी की है। बीजेपी नेताओं की माने तो पीएम मोदी फिर से बनारस सीट से ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में पीएम मोदी को झटका देने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बनारस आने की रणनीति बनायी है। उद्धव ठाकरे से बनारस आकर गंगा आरती में शामिल होने की इच्छा जतायी है। ऐसे देखा जाये तो यह एक धार्मिक यात्रा लगती है लेकिन इसके राजनीति मायने बहुत है। बीजेपी व शिवसेना दोनों ही हिन्दुत्व कार्ड खेलती है। दोनों के लिए हिन्दू वोटर बहुत मायने रखते हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में शिवसेना व बीजेपी अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं तो सियासी समीकरण बदल भी सकता है। शिवसेना ने बनारस में प्रत्याशी उतारा तो बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। शिवसेना को जितना भी वोट मिलेगा। वह सब बीजेपी का ही होगा। शिवसेना भले ही बनारस से चुनाव नहीं जीत पाये, लेकिन बीजेपी का नुकसान करा सकती है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की बनारस यात्रा को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है।
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