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ट्रक के केबिन में छिपा कर की जाती थी गांजा की तस्करी

एसटीफ को मिली बड़ी सफलता, २५ लाख के गांजा के साथ एक गिरफ्तार
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वाराणसी

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Devesh Singh

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Updated: 30 Sep 2017, 5:33 PM IST

ट्रक के केबिन में छिपा कर की जाती थी गांजा की तस्करी

hemp Smuggler

वाराणसी. एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने ३६६ किलोग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को पकड़ा है। पकड़े गये गांजा की कुल कीमत २५ लाख बतायी जा रही है। एसटीएफ ने ट्रक की उस केबिन का भी खुलासा किया है, जिसमे छिपा कर गांजा की तस्करी की जाती थी।
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एसटीएफ को सूचना मिली थी कि गांजा तस्कर इन दिनों बहुत सक्रिय हैं। एसटीएफ ने तस्करों को पकडऩे के लिए अपनी टीम को सक्रिय कर दिया। एसटीएफ को अपने स्रोत से सूचना मिली कि आसाम से एक ट्रक चला है, जिस पर भारी मात्रा में गांजा है और ट्रक में गांजा तस्कर भी है। इसके बाद निरीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने सारनाथ थाना क्षेत्र के लेढूपुर चौराहे के पास नाकाबंदी कर ली। एसटीएफ की टीम ने देखा कि एक ट्रक आ रहा है इसके बाद एसटीएफ ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोक लिया।
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केबिन में छिपा कर रखा गया था गांजा
एसटीएफ ने जब ट्रक की तलाशी ली तो गांजा बरामद हो गया। तस्करों ने पुलिस की नजर से बचाने के लिए ट्रक के केबिन में गांजा छिपा कर रखा था। गांजा को इस ढंग से छिपाया गया था कि बाहर से देखने पर पता नहीं चल रहा था कि ट्रक में इतनी भारी मात्रा में मादक पदार्थ रखा गया है। एसटीएफ ने पकड़े गये तस्कर से पूछताछ किया तो उसने अपना नाम संजय यादव निवासी मऊ थाना चेरूईडीह बताया। तस्कर के पास से एसटीएफ को दो मोबाइल भी मिला है।
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तस्करी के लिए किया जाता था ट्रक का उपयोग
एसटीएफ की पूछताछ में पकड़ा गया तस्कर संजय यादव ने बताया कि यह ट्रक का मालिक मनीष यादव निवासी नेवादा, थाना जहानाबाद जिला आजमगढ़ है। संजय यादव दो साल से ट्रक चालक का काम करता था। गांजा की तस्करी के लिए ट्रक में खास केबिन बनाया गया है। संजय पश्चिम बंगाल व आसाम से गांजा की खेप लाकर मनीष को दे देता है। इसके बाद मनीष यादव ही गांजा की फुटकर खेप को पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में भेजता था। संजय को ट्रक का प्रति चक्कर लगाने पर २० हजार रुपया मिलता था। बरामद गांजा आसाम प्रांत के रोहता , जिला गौहाटी स्थित खरपतिया नामक स्थान से लेकर चला था।
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