देश की सबसे बड़ी खबर, यूपी के सीएम व डिप्टी सीएम की सीट पर बीजेपी प्रत्याशियों की हार तय

देश की सबसे बड़ी खबर, यूपी के सीएम व डिप्टी सीएम की सीट पर बीजेपी प्रत्याशियों की हार तय

Devesh Singh | Publish: Mar, 14 2018 03:39:58 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

साल भर में ही सीएम योगी सरकार की निकल गयी हवा, बीजेपी मुख्यमंत्री का जाति कार्ड व बीजेपी विधायकों के भ्रष्टाचार से हारी पीएम मोदी की लहर

वाराणसी. देश की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के प्रत्याशी हार की कगार पर पहुंच गये हैं। कई चक्रों की मतगणना के बाद बसपा समर्थिक सपा प्रत्याशियों ने फूलपुर व गोरखपुर चुनाव में बीजेपी प्रत्याशियों से बहुत आगे निकल गये हैं जिसके बीजेपी प्रत्याशियों की वापसी कठिन हो गयी है। इससे साफ हो जाता है कि यूपी की साल भर पुरानी बीजेपी सरकार की हवा निकल रही है जिसका लोकसभा चुनाव २०१९ में सबसे बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
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यूपी में बीजेपी ने बिना किसी को सीएम का प्रत्याशी बना कर चुनाव जीता है इसके बाद योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाया है। इसके बाद अखिलेश यादव पर जातिवाद का आरोप लगाने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ खुद उसी राह पर सबसे तेज चलने लगे हैं। पुलिस थानों से लेकर जिला प्रशासन में सीएम योगी आदित्यनाथ के पसंद के खास जातियों की नियुक्ति होने लगी है। अन्य जातियों के नेता को पार्टी से जोड़ कर सोशल इंजीनियरिंग का जो खेल सीएम योगी खेल रहे थे वह जमीन पर नहीं उतर पाया और उसका अब फूलपुर व गोरखपुर में सीएम योगी व डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की सीट पर बीजेपी को करारी शिकस्त मिलने वाली है। यह खबर इसलिए भी बड़ी हैं क्योंकि साल भर पहले ही प्रचंड बहुत के साथ रिकॉर्ड विधायकों के संग सरकार बनाने वाली बीजेपी के सीएम व डिप्टी सीएम के सीट पर बीजेपी का यह हाल हो गया है।
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यूपी में राजनाथ सिंह के बाद सीएम योगी को मिली है सत्ता, उसके बाद बीजेपी को मिलने लगी हार
वर्ष 2002 में राजनाथ सिंह की सरकार थी उसके बाद यूपी की सत्ता में वापसी करने में बीजेपी को १५ साल लग गये। पीएम नरेन्द्र मोदी की लहर नहीं चलती तो बीजेपी को यूपी की सत्ता मिलना बहुत कठिन था, लेकिन सरकार बनते ही सीएम योगी व उनके विधायक इसे अपनी जीत मानने लगे हैं। जिस तरह वरुणा कॉरीडोर को अतिक्रमण से मुक्त कराने में जुटे आईएएस पुलकित खरे को बीजेपी विधायक की शिकायत पर हटाया गया था। दालमंडी में अवैध भूमिगत बेसमेंट मिलने के बाद भी बीजेपी के एक नेता की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं की गयी। हृदय योजना में भ्रष्टाचार के खिलाफ काशी के नामी संगीत घराने के लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा था उससे जनता को समझ आने लगा है कि सीएम योगी सरकार सिर्फ आश्वासन ही देती है कार्यशैली सही नहीं है। इसके बाद जनता ने अखिलेश
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बीजेपी के लिए खतरे की घंटी, नहीं बदली कार्यशैली से बेहार हो जायेगी पीएम मोदी की लहर
बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। सीएम योगी सरकार की कार्यशैली नहीं बदली तो यूपी में पीएम मोदी की लहर खत्म हो जायेगी। बीजेपी से सबक लेते हुए अखिलेश यादव ने अपनी कार्यशैली बदल ली है। अखिलेश यादव ने गोरखपुर से निषाद व फूलपुर से पटेल प्रत्याशी को टिकट दिया और बसपा के समर्थन से चुनाव जीत गये। कभी यह वोटर बीजेपी के पक्ष में मतदान करते थे लेकिन यूपी सरकार इन वोटरों को दरकिनार किया और करारी शिकस्त मिली।
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