
Pc- Patrika
Varanasi Dalmandi Demolition : वाराणसी के दालमंडी चौड़ीकरण की जद में आ आ रहे 6 धार्मिक स्थलों में से 5 धार्मिक स्थलों पर ध्वस्तिकरण का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार की सुबह दालमंडी परिसर में स्थित करिमुल्ला बेग मस्जिद पर मस्जिद प्रशासन ने खुद हथौड़ा चलाया और चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को ध्वस्त करना शुरू किया। बता दें कि इसके अलावा चार और मस्जिदों पर भी कार्रवाई की जानी है। जिला प्रशासन ने इन मस्जिदों को क्षतिपूर्ति देने की बात भी कही है, जिसके बाद मस्जिद प्रबंधन ने खुद ही इसे ध्वस्त करना शुरू किया है।
बुधवार की सुबह दालमंडी में स्थित करिमुल्ला बेग मस्जिद पर मस्जिद प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे मस्जिद के हिस्से को हथौड़े की मदद से ध्वस्त किया जा रहा है। ध्वस्तिकरण की इस कार्रवाई के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल को बुधवार की सुबह से ही घटनास्थल पर तैनात किया गया है। वहीं, वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं, जबकि ड्रोन कैमरे की मदद से भी निगरानी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि करिमुल्ला बेग मस्जिद के बाद संगमरमर मस्जिद, अली राजा खान मस्जिद, रंगीले शाह मस्जिद, और निशारान मस्जिद पर भी ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस चौड़ीकरण के जद में आ रहे लंगड़े हाफिज मस्जिद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है और कोर्ट ने सुनवाई तक इसके ध्वस्तिकरण पर रोक लगाई है। दरअसल, मोहर्रम को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने ध्वस्तिकरण की कार्रवाई पर रोक लगाई थी, जिसके बाद सोमवार को एक बार फिर से जिला प्रशासन ने दोस्तीकरण के कार्य में तेजी लाई है। वहीं, बुधवार को धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की जा रही है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के अपने 51वें दौरे पर इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। बताया जा रहा है कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है और राज्य सरकार की तरफ से इस प्रोजेक्ट के लिए 216 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 187 भावनाओं को गिराया जाना है, जिनमें 6 धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। वहीं, मकान मालिकों को मुआवजा के रूप में 191 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी।
श्री काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दालमंडी के रास्ते को चौड़ा किया जा रहा है। 630 मीटर लंबी इस गली को तोड़कर 60 फुट का किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क होगी, जबकि दोनों तरफ 15-15 फीट के पाथवे बनाए जाएंगे। यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक सुगम रास्ते को लेकर इस प्रोजेक्ट की नीव रखी गई है। अधिकारियों ने बताया है कि जैसे-जैसे भवन स्वामी अपने मकान की रजिस्ट्री कर रहे हैं, वैसे ही उन भावनों को तोड़ा जा रहा है।
Updated on:
01 Jul 2026 09:32 am
Published on:
01 Jul 2026 09:32 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
