अभी और सख्त होंगे धूप के तेवर, इस कारण शहर में कमजोर हो जाता है मानसून

Devesh Singh

Publish: Apr, 17 2018 06:05:05 PM (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
अभी और सख्त होंगे धूप के तेवर, इस कारण शहर में कमजोर हो जाता है मानसून

आईएमडी ने की है अच्छी बारिश होने की भविष्यवाणी, कंक्रीट का जंगल बन चुके शहर में कम बरसता है पानी

वाराणसी. मौसम विभाग ने इस बार देश में अच्छी बारिश होने की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग 15 मई को मौसम को लेकर एक और भविष्यवाणी करने वाला है उसके बाद मानसून को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो पायेगी। बनारस में मंगलवार को तीखी धूप व गर्मी के चलते अधिकतम पारा दोपहर में ही 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था। मौसम वैज्ञानिक की माने तो तीन से चार दिन गर्मी और सताने वाली है।
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बनारस में विकास के नाम पर जिस तरह से हरियाली को खत्म किया गया है उसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कंक्रीट का जंगल बन चुके शहर में धूप की किरणे अब लोगों को झुलसाने लगी है। आसमान बिल्कुल साफ है इसलिए सूर्य की सीधी किरणे धरती पर पड़ रही है। भगवान भास्कर के उदय के साथ ही धूप की तल्खी शुरू हो रही है जो शाम तक रहती है इसके बाद भी हवा नहीं चलने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम वैज्ञानिक की माने तो19 व २० अप्रैल तक मौसम ऐसा बना रहा सकता है इस बीच नमी आती है तो आंधी या अंधड़ चलने की संभावना रहेगी। इसके बाद ही गर्मी से फौरी राहत मिल सकती है।
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अप्रैल व मई में पड़ती है झुलसाने वाली गर्मी
अप्रैल व मई में झुलसाने वाली गर्मी पड़ती है इसलिए उमस का दौर शुरू हो जाता है। धूप के तल्ख तेवर से राहत तो मिल जाती है लेकिन उमस के चलते जीना मुहाल हो जाता है। इस बार अप्रैल में आंधी चलने व बूंदाबांदी होने से शुरूआती हफ्तों में गर्मी का अधिक असर नहीं दिखा है लेकिन अब गर्मी ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। आईएमडी ने इस बार अच्छे मानसून की भविष्यवाणी की है। पूर्व के दो सालों की बात की जाये तो पूर्वांचल के अन्य जिलों की तुलना में बनारस में अच्छा मानसून होने पर कम वर्षा हुई है।
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इस कारण नहीं हो रही है अच्छी वर्षा
अच्छी वर्षा के लिए बादल के साथ स्थानीय परिस्थितियां भी अनुकूल होनी चाहिए। बनारस में विकास के नाम पर इतने पेड़ काट दिये गये हैं कि बारिश के समय बादल आते भी हैं तो बिना बरसे निकल जाते हैं जिसके चलते यहां पर कम बारिश हो रही है। आईएमडी ने मानसून के देश भर का पूर्वानुमान जारी किया है लेकिन इसमे खास क्षेत्र की जानकारी अभी नहीं दी गयी है। निजी एजेंसी स्काईमेट ने बनारस में सामान्य से अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय के अनुसार जून तक मानसून को लेकर सटीक जानकारी मिल पायेगी। पूर्व के दो वर्षों में बनारस में कम बारिश हुई है जिसकी मुख्य वजह शहर काहीट आइलैंड बनना व स्थानीय स्थितियों से मानसून को सहयोग नहीं मिलना था।
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जानिए क्या कहा मौसम वैज्ञानिक ने
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय ने कहा कि 19व 20 अप्रैल तक लोगों को गर्मी की ऐसी ही मार झेलनी पड़ेगी। इस बीच स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव हुआ तो ही जाकर गर्मी से राहत मिल पायेगी। शहर में हरियाली नहीं होना व धूल का बढ़ता असर के चलते गर्मी अधिक भयावह हो रही है जिसका असर मानसून पर भी पड़ रहा है।
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