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रावण दहन के दौरान अचानक हुआ हंगामा: शिक्षा राज्यमंत्री देवनानी पहनाना चाहते थे माला एडीएम सिटी ने आचार संहिता का दिया हवाला
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रावण दहन के दौरान अचानक हुआ हंगामा: शिक्षा राज्यमंत्री देवनानी पहनाना चाहते थे माला एडीएम सिटी ने आचार संहिता का दिया हवाला

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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 20 Oct 2018, 2:20 PM IST

अजमेर. पटेल मैदान में आयोजित विजयादशमी के पर्व में उस वक्त अहसज की स्थिति उत्पन्न हो गई जब कार्यक्रम में मौजूद शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने राजगढ़ भैरवधाम के मुख्य उपासक चंपालाल को माला पहनानी चाही। इस दौरान मौके पर खड़े अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) एवं आरओ उत्तर अशोक योगी ने उन्हें आचार संहिता का हवाला देते मंच पर चढकऱ माला पहनाने से रोक दिया। योगी का कहना था कि कार्यक्रम सरकारी है। इसमें जनप्रतिनिधि मंच पर माला नहीं पहना सकते।


प्रत्यशदर्शियों के अनुसार मुख्य उपासक चंपालाल व देवनानी ने लगभग एक साथ ही मैदान में प्रवेश किया। देवनानी मैदान में ही लोगों के पास खड़े थे, जबकि मुख्य उपासक चंपालाल पास ही बने मंच पर बैठ गए। धार्मिक कार्यक्रम अनुसार देवनानी मंच पर चढकऱ उन्हें माला पहनाना चाहते थे, लेकिन पास ही खड़े एडीएम योगी ने उन्हें रोक दिया। पास ही खड़े महापौर धर्मेन्द्र गहलोत भी योगी के व्यवहार पर तल्ख हुए। इस बीच मौके पर जिला कलक्टर आरती डोगरा भी पहुंच गईं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को समझाया कि आचार संहिता के कारण वह मंच साझा नहीं कर सकते। डोगरा का कहना था कि कार्यक्रम नगर निगम की ओर से आयोजित है। इसमें किसी भी जनप्रतिनिधि का भाषण व स्वागत नहीं रखा गया है।

 

इसे लेकर कुछ मिनट अधिकारी व जनप्रतिनिधि आपस में तल्ख भी हुए। प्रत्यशदर्शियों के अनुसार गहलोत ने सहज भाव से मुख्य उपासक चंपालाल का माला पहनाकर अभिनंदन कर दिया। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि कार्यक्रम धार्मिक है, इसमें कोई आचार संहिता आड़े नहीं आती। वह धर्मगुरू का अभिनंदन कर सकते हैं। इसमें किसी पार्टी के प्रचार या अन्य कोई बात नहीं है। जनप्रतिनिधि भगवान राम की सवारी का भी स्वागत करना चाह रहे थे, लेकिन आचार संहिता का हवाला देकर उन्हें भी रोका गया। देवनानी ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता यह धार्मिक कार्यक्रम है हम रामजी का स्वागत करेंगे। हालांकि ऐसा नहीं हो सका।

 


सरकारी खर्च पर यह कार्यक्रम हो रहा था। जबरदस्ती मंच पर चढकऱ माला पहनाना चाहते थे। ऐसा नहीं किया जा सकता। यह आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आता है। यह सरकारी मंच का दुरुपयोग है। जनप्रतिधियों को इसकी जानकारी देते हुए ऐसा करने से रोका गया। महापौर ने बहस करने का प्रयास किया तो उन्हें समझा दिया गया। महापौर ने कहा कि यह क्या तरीका है, आप खाना भी नहीं खाने दोगे क्या। इस पर उन्हें कहा गया था कि आप खाना घर पर खाएं।

अशोक योगी, एडीएम सिटी एवं आरओ अजमेर उत्तर

 

देवनानीजी माला पहनाने के लिए मंच पर चले गए थे। हमने आचार संहिता की जानकारी दी। यह सरकारी कार्यक्रम है। महापौर ने बहस करने का प्रयास किया। तब मैंने हस्तक्षेप किया, इसके बाद वे मंच से नीचे आ गए।


आरती डोगरा, जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजमेर

हम चम्पालाल महाराज को माला पहनाना चाह रहे थे। प्रशासन ने ऑब्जेक्शन किया। धार्मिक कार्यक्रम है माला भी हमारी थी। फिर भी रोका गया। हमने कह दिया कि लिख कर दे दो क्या-क्या नहीं करना है। हम पालन कर लेंगे। ऊपर से भी पूछ लो। सरकारी कार्यक्रम में चुनाव प्रचार नहीं कर सकते। यह धार्मिक कार्यक्रम है जनता के आदमी के रूप में गए थे। महापौर को भी माला पहनाने से रोका गया।


वासुदेव देवनानी, शिक्षा राज्यमंत्री

(महापौर धर्मेन्द्र गहलोत का पक्ष जानना चाहा गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई)

 

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