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बीसलपुर बांध के 18 में से 17 गेट खोले, नजारा देखकर खुश हो जाएंगे आप
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बीसलपुर बांध के 18 में से 17 गेट खोले, नजारा देखकर खुश हो जाएंगे आप

Bisalpur Dam Latest Update: बीसलपुर बांध के गेट बढ़ाकर 12 से 17 गेट खोल दिए गए। वहीं बांध से बनास में पानी की निकासी 3 लाख 500 क्यूसेक प्रति सैकण्ड कर दी गई है। बांध के 17 गेट खोलने के बाद बीसलपुर बांध पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
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Vinod Sharma

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Updated: 15 Sep 2019, 5:24 PM IST

जयपुर। Bisalpur Dam Latest Update: राजस्थान से विदा हो रहा मानसून फिर से मेहरबान हो रहा है। कोटा और वागड़ में मूसलाधार बारिश से नदियों में पानी उफान पर आ गया है। गुलाबीनगर की पेयजल लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में इस बार पानी की रिकॉर्ड आवक हुई है। रविवार को एक बार फिर बांध के गेट बढ़ाकर 12 से 17 गेट खोल दिए गए। बांध से बनास में पानी की निकासी 3 लाख 500 क्यूसेक प्रति सेकंड कर दी गई है।

16 गेट 3-3 मीटर और एक गेट 2 मीटर खोला
17 गेटों में से 16 गेट तीन-तीन मीटर तक खोले गए हैं, जबकि एक गेट 2 मीटर तक खोल कर बनास नदी में पानी की निकासी की जा रही है। बांध के 17 गेट खोलने के बाद बीसलपुर बांध पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। बीसलपुर बांध पर कुल 18 गेट है, जिनमें से बांध परियोजना की ओर से 17 गेट खोल दिए गए है। वहीं 18वां गेट भी खोलने की तैयारी है । इसी बीच त्रिवेणी का गेज वापस घटकर 5 .70 मीटर रह गया है। सुबह करीब दस बजे बांध के 12 गेट खोलकर प्रति सेकंड एक लाख 92 हजार 280 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।

पानी की तेजी से हो रही आवक
इससे पहले बीसलपुर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से तेज बारिश के चलते बांध में पानी की आवक तेज हो जाने से शनिवार सुबह बांध के आठ गेट खोलकर 1.44 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी थी। शनिवार शाम को पानी की निकासी कम कर 96 हजार क्यूसेक रख दी गई थी। वर्ष 2016 में ओवरफ्लो होने पर बांध के 18 में से 16 गेट खोले गए थे।

पहली बार 2004 में खोले गए थे गेट
बीसलपुर बांध के गेट पहली बार 2004 में खोले गए थे। 1999 से अब तक बांध के गेट 5वीं बार खुले हैं। 2016 में सबसे ज्यादा पानी की निकासी की जाने के बाद दूसरी बार 2019 में ज्यादा पानी की निकासी हुई है। पहली बार 2004 में खुले गेटों से 24 टीएमसी पानी की निकासी की गई थी।

2006 में दूसरी बार गेट खोले
2006 में दूसरी बार गेट खोलकर 43 टीएमसी पानी की निकासी की जा सकी थी। 2014 में बारिश की कमी रही। चौथी बार 2016 में बांध में भारी पानी की आवक हुई और बांध बनने के बाद 2016 में 135 टीएमसी पानी की निकासी हुई जो सबसे ज्यादा रही। 2019 में बांध भरा और बांध बनने के बाद से दूसरी बार ज्यादा पानी की निकासी की जा रही है।