
रंग रूडो रे राठौड़ा थ्हारी, गैरो तपियो रे राज गंगासिंह रो तथा सीता परणीजै रामजी’ सरीखे धमाल तथा चंग पर थाप की गूंज से मरुनगरी गुंजायमान हो रही है। बसंत पंचमी से जगह-जगह शुरू हो चुके धमाल गीतों के गायन से शहर में होली की रंगत परवान पर है।
चंग टोळियो के सामूहिक गायन और चल रहे नृत्य हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे है। बांसुरी तथा छमछमा की संगत के साथ शाम से देर रात तक चल रही धमाल व फाग गीतों की प्रस्तुतियां से होली के रसियों की मस्ती परवान पर है। जूनागढ़ के आगे, जस्सूसर गेट शहर के विभिन्न स्थानों पर चंग पर धमाल होली की रंगत को बढ़ा रहे है।