
कानपुर. जिस नारी के सम्मान को लेकर राजपूत समाज के लोग पूरे देश में संजय लीला भंसाली की फिल्म का विरोध कर रहे हैं। अब उसी नारी की वह नाक और गर्दन काटने पर उतर आए हैं। पहले मेरठ के क्षत्रिय समाज ने दीपिका की गर्दन काटने पर 5 करोड़ रुपए के ईनाम का ऐलान कर दिया, तो वहीं गुरूवार को कानपुर के क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत ने ऐलान किया कि जो भी दीपिका पादुकोण की नाक-काट कर लाएगा, उसे हम और हमारे समाज के लोग एक करोड़ रूपए का ईमान देगें। रावत ने कहा कि भंसाली के साथ-साथ दीपिका ने भी क्षत्रिय समाज के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की है। नाचने-गाने वाली ने वीरांगना बनकर ठुमके लगाए। पैसे के लिए इन लोगों ने क्षत्रिय समाज के स्वाभिमान को नीचा दिखाने का प्रयास किया है।
क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष की धमकी
25 जनवरी को संजय लीला भंसाली की फिल्म पूरे देश में रिलीज हो गई। जिसके चलते कई जगह विरोध-प्रदर्शन किया और थियटरों में जाकर हगांमा काटा। कानपुर में भी पद्मावत फिल्म को लेकर क्षत्रिय सामज के लोग सड़क पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन किया। क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष गजेंद्र राजपूत ने इस मौके पर जमकर दहाड़े। गजेंद्र ने पहले फिल्म की एक्टर दीपिका को जमकर बुरा-भला कहा और फिर एलान किया कि जो भी इनकी कान-कान काट कर लाएगा उसे हम एक करोड़ का इनाम देंगे। गजेंद्र ने कहा कि भंसाली पहले भी क्षत्रिय समाज के इतिहास के साथ छेड़छाड़ करते आए हैं। उन्होंने एक सोची-समझी रणनीति के तहत वीरांगना पदमावती के इतिहास के साथ खिलवाड़ कर फिल्म बनाई। दीपिका एक नाचने गाने वाली है, जिन्हें भंसाली ने मां पदमावती के रूप में दिखाकर कुघारघात किया है। भंसाली कानपुर आए तो वह यहां से सही-सलामत वापस नहीं जा पाएंगे।
शूर्पनखा की तरह नाक काटना नहीं भूलें
धमकी भरे लहजे में गजेंद्र ने कहा कि अगर ये फिल्म वापस नहीं ली गई, तो अंजाम बुरा होगा. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि दीपिका को नरेंद्र मोदी भी नहीं बचा सकते हैं, उन्होंने मांग की है कि इस फिल्म पर रोक लगाई जाए। गजेंद्र ने कहा कि राम सीते के साथ लक्षमण वनवास गए थे, उन्होंने ये कहा नहीं था, लेकिन जब जरूरत पड़ी तो उन्होंने शूर्पनखा की नाक काट दी थी। इसी तरह अगर रावण को समझ ना आए तो शूर्पनखा की नाक काट देने की हैसियत आज भी लक्षमण की है। आगे कहा, दीपिका बेटी की तरह है लेकिन अब किसी को समझाया नहीं जायेगा। सरकार को इस पर रोक लगा देनी चाहिए. अहिंसा जरूरी है, लेकिन अब हिंसा मजबूरी है। फिल्म की अभिनेत्री ने कहा है कि फिल्म चल कर रहेगी। हम कहना चाहते हैं कि राजपूतों की भावनाओं को भड़काने का काम ना करें। राजपूत महिलाओं पर हाथ नहीं उठाते लेकिन शूर्पनखा की तरह नाक काटना नहीं भूले हैं।
इसलिए कर रहे हैं विरोध
आपको बता दें कि फिल्म का विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि फिल्म ‘पद्मावती’ के जरिए रानी पद्मावती का गलत तरीके से चित्रण किया जा रहा है। उनका कहना है कि फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। आरोप ये भी है कि फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच प्रेम प्रसंग दिखाया गया है। इस फिल्म में रानी पद्मावती का किरदार दीपिका ने निभाया है और अलाउद्दीन खिलजी का रोल रणवीर सिंह ने. शाहिद कपूर राजा रावल रतन सिंह के किरदार में हैं। गजेंद्र ने कहा कि हमने कानपुर सिनेमाहॉल मालिकों से अनुरोध किया था कि फिल्म अपनह टॉकीजों में न दिखाएं। उन्होंने हमारी बात मानी और आज एक भी टॉकीज में फिल्म नहीं लगी।