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शिवपाल के बाद अखिलेश ने दिया बयान, अयोध्या के मुद्दे पर दोनों की राय एक
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शिवपाल के बाद अखिलेश ने दिया बयान, अयोध्या के मुद्दे पर दोनों की राय एक

शिवपाल ने राममंदिर का निर्माण दूसरी जगह कराए जाने की थी मांग तो अखिलेश ने अयोध्या को सेना के हवाले करने की कही बात, बीजेपी ने किया पलटवार।
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कानपुर

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Vinod Nigam

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Updated: 25 Nov 2018, 10:39 AM IST

कानपुर। समाजवादी प्रगतिशील समाजवादी लोहिया पार्टी के संयोजक शिवपाल यादव ने तीन दिन पहले अयोध्या पर एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि विवादित भूमि पर किसी भी हालत में राममंदिर का निर्माण नहीं होना चाहिए। इसी के बाद विहिप की धर्मसभा पर अखिलेश ने भी जवाबी पलटवार करते हुए कहा कि अयोध्या के हालात को देखते हुए वहां पर सेना की तैनाती कर दी जानी चाहिए। इसी के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता ये मानकर चल रहे हैं कि आज नही तो कल अखिलेश और शिवपाल एक साथ आएंगे।

शिवाल ने ये बयान दिया
शिवपाल यादव अपने मित्र व पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह के भतीजे की शादी समरोह में शामिल होने के लिए कानपुर आए थे। इस मौके पर उन्होंने डंके की चोट पर कहा था कि विवादित स्थल पर राममंदिर का निर्माण नहीं होना चाहिए। अगर कोर्ट के फैसले से बीजेपी मंदिर बनवाना चाहती है तो वो दूसरी जमीन की तलाश कर वहां निर्माण करवाए। इतना ही नहीं शिवपाल ने धर्मसभा के बारे में कहा था कि बीजेपी अयोध्या में हिंसा करवा सकती है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों को कोर्ट में जाना चाहिए और धर्मसभा के आयोजन पर रोक लगानी चाहिए। इसके बाद बीजेपी सहित अन्य संगठनों ने खुलकर शिवपाल यादव के बयान की निंदा की थी। बीजेपी नगर अध्यक्ष ने कहा था कि भाई मुलायम सिंह ने निहत्थे कारसेवकों पर गोली चलवाई थीं और अब उनके छोटे भाई राम जन्मभूमि स्थल पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।

कुछ तरह से बोले अखिलेश
अखिलेश ने एक बयान जारी कहा है कि अयोध्या में जिन तत्वों का जमावड़ा हो रहा है उनको भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार से प्रोत्साहन मिल रहा है। भाजपा अपनी विफलता छुपाने के लिए भी अयोध्या का मुद्दा उठाने से बाज नहीं आयेगी। सच तो यह है कि भाजपा को न तो संविधान पर भरोसा है और न ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय पर। अयोध्या में जानमाल की भारी क्षति होने का अंदेशा है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रति अवमानना प्रदर्शित की जा रही है। अयोध्या में बाहर से भारी संख्या में लोग बुलाए गए हैं। भाजपा-शिवसेना नेता उत्तेजक भाषण एवं बयान दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसी अनहोनी को टालने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को स्थिति का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के काम में सेना का भी सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निवासी आतंकित और आक्रोशित हैं। उन्हें अपने घरों में कैद कर दिया गया है। भाजपा का इतिहास पहले भी वहां छल और धोखे का रहा है। इसलिए लोग डरे हुए हैं।

बीजेपी विधायक ने दिया जवाब
बिठूर से बीजेपी विधायक अभिजीत सांगा ने कहा कि शिवपाल और अखिलेश भगवान श्रीराम के बजाए एक समुदाय के वोटबैंक को खुश करने के लिए यह बयान दिया है। देश-प्रदेश की जनता इसका जवाब वोट के जरिए देगी। समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष ने तो कारसेवकों को मौत के घाट उतारा था। विधायक ने कहा, अयोध्या में जेहादी नहीं जा रहे बल्कि रामभक्त धमसभा में भाग लेंगे। रामभक्त कभी विवाद और हिंसा नहीं करते। पहले भी कई सभाएं अयोध्या में हुई, लेकिन विवाद नहीं हुआ। विधायक ने अयोध्या से मुस्लिमों के पलायन पर कहा ये सरासर झूठ हैं और वहां महौल बिलकुल ठीक है।

शहरकॉजी ने की मांग
शहर कॉजी नूरी ने कहा कि अयोध्या में मुस्लिम समुदाय के लोग डरे हैं और उन्हें 24, 25 नवंबर व छह दिसंबर को अपनी जान-माल का खतरा सता रहा है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुस्लिम समाज की सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने की मांग की है। शहरकॉजी ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण को लेकर अयोध्या में आयोजन करने वाले व राज्य सरकार आपस में मिले हैं, इसलिये उन पर भरोसा नहीं। अयोध्या के मुसलमानों को मुख्य सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तथा अयोध्या के जिला व पुलिस प्रशासन पर भरोसा है। शहरकॉजी ने संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क के दोनों ओर कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था कराये जाने की बात भी कही है।