
कटनी. प्रसव पीड़ा से कराहते हुए एक पलंग पर लेटी दो गर्भवती महिलाएं…, दूसरे पलंग पर एक बच्चा के साथ प्रसव का इंतजार करतीं जननियां, असहनीय दर्द के बाद करवट तक के लिए पड़े लाले, कभी पलंग दिलाने तो कभी जमीन में ही गद्दा बिछाकर मरीज को भर्ती कर लेने के लिए गिड़गिड़ाते प्रसूताओं व मरीजों के परिजन…। रविवार की दोपहर का यह नजारा किसी दूर दराज के स्वास्थ्य केंद्र का नहीं बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस कहे जाने वाले जिला अस्पताल का था। पत्रिका टीम ने रविवार को व्यवस्थाओं की नब्ज टटोली तो अव्यवस्थाएं खुलकर सामने आईं। मरीज व उनके परिजनों ने भी पीड़ा बयां किया। सबसे ज्यादा परेशानी बेहतर उपचार न होने व पलंग न मिलने की समस्या सामने आई। हैरानी की बात तो यह रही कि जिला अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में ही पर्याप्त पलंग की व्यवस्था नहीं मिली। रविवार को 85 गर्भवती महिलाएं व प्रसूताएं भर्ती मिलीं, यहां पर सिर्फ 58 पलंग ही मिले। शेष 20 महिलाओं को नीचे फोम के गद्दा लाडकर लिटाया गया था, वहीं 7 महिलाओं के परिजन पलंग, उपचार के लिए गिड़गिड़ाते दिखे। अव्यवस्था सिर्फ यही नहीं रही, भीषण गर्मी में मरीज व परिजन हलाकान रहे। प्रसूता वार्ड में तो परिजन हर पलंग में घर से लाकर पंखा चलाकर गर्मी से राहत पाते दिखे।
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इन वार्डों का भी रहा यही हाल
जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में बने आइसुलेशन वार्ड की स्थिति भी गड़बड़ रही। डायरिया, उल्टी आदि के पीडि़त 61 मरीज भर्ती थे दो वार्डों में 21 पलंग ही मिले और शेष 9 मरीज नीचे व बरामदे में भीषण गर्मी में इलाज कराने विवश दिखे। इसके अलावा टीबी और सर्जिकल वार्ड में मरीज भर्ती रहे। बन वार्ड में 9 पलंग मिले। यहां का एसीसी भी ठीक से काम नहीं कर रहे। गर्मी के कारण मरीज व परिजन परेशान रहे। इसके अलावा मेडिसिन के महिला वार्ड में 36 मरीज भर्ती थे, जिसमें से 20 पलंग ही मिले, शेष जमीन पर लेटकर उपचार करा रहे थे। मेडिसिन पुरुष वार्ड में 35 मरीज भर्ती थे, जिसमें से 9 पलंग ही थे, शेष 26 मरीज जमीन पर लेटकर उपचार करा रहे थे।
खास-खास:
– ट्रामा सेंटर में भी 12 से अधिक मरीज जमीन पर लेटकर करा रहे थे उपचार।
– 2015 में अस्पताल का उन्नयन होने के बाद भी अबतक नहीं हुई पलंग की व्यवस्था।
– जेडी से कलेक्टर करते हैं निरीक्षण, फिर भी नहीं सुधर रहीं व्यवस्थाएं।
– तीन सौ से अधिक भर्ती रहते हैं मरीज, अस्पताल में चार जिलों के पहुंचते हैं मरीज।
भीषण गर्मी में परेशान हैं मरीज
बारिश न होने के कारण उसम के चलते जिला अस्पताल में मरीज खासे परेशान हैं। यहां पर अधिकांश वार्डों में कूलर ही नहीं हैं। मेडिसिन और आइसुलेशन वार्ड में जो दो-तीन कूलर लगे हैं, वह बगैर पानी के चल रहे हैं। इसस मरीजों को और भी परेशानी हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी बरामदे में भर्ती मरीजों की है।
इनका कहना है
जिला अस्पताल में पलंग की भारी कमी है। अस्पताल में औसतन 290 मरीज भर्ती रहते हैं। पलंग दो सौ ही हैं। लगभग डेढ़ सौ पलंग की और आवश्यकता है। शीघ्र ही व्यवस्था कराई जाएगी। अन्य सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
डॉ. एसके शर्मा, सीएस।