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इंदौर में महिला की मौत, खंडवा में हंगामा, परिजनों ने पम्पुरी अस्पताल की तोड़फोड़

शहर में इंदौर रोड स्थित सेंट रिचर्ड पपुरी अस्पताल में उस समय हंगामा हो गया जब पूर्व में यहां भर्ती रही एक महिला की मौत हो गई। महिला ने इंदौर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। महिला की मौत से परिजन आक्रोशित हो उठे और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर जमकर तोड़फोड़ कर दी। परिजनों ने हॉस्पिटल के काउंटर, केबिन और शीशों पर पत्थर बरसाए। करीब आधे घंटे अस्पताल में अफरा-तफरी मची रही। तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही एसडीएम और सीएसपी ने भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचकर आक्रोशित परिवार से बातचीत कर मामला शांत किया।

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पपुरी हॉस्पिटल में 21 मई को ग्राम रोशनाई में रहने वाली महिला ज्योति ओसवाल को भर्ती किया गया था। महिला की किडनी में दिक्कत थी। पति मनोज ओसवाल ने बताया कि मेरी पत्नी ज्योति ओसवाल घर से किडनी का इलाज करवाने पपुरी अस्पताल गई थी। डॉक्टर वाजिद खान को दिखाया था। डॉक्टर ने कहा कि चार दिन में पत्नी ठीक हो जाएगी। दोपहर में 3.30 बजे ऑपरेशन के लिए लेकर गए थे, रात में 8.30 बजे ऑपरेशन रूम से बाहर लेकर आए। पत्नी कहने लगी की मेरे पैर काम नहीं कर रहे है। हमने डॉक्टर को बताया तो उसने कहा कि दर्द की वजह से वह ऐसा बोल रही है।

कुछ देर बाद पैरों पर काले धब्बे उभर आए। इसके बाद डॉक्टर ने एक ओर जांच करवाई और इंजेक्शन दिया। लेकिन तबीयत बिगड़ती जा रही थी, यह देख डॉ. खान ने कहा कि पत्नी ने को इंदौर ले जाओ। मेरी बात हो गई है इंदौर के अरविंदों अस्पताल में भर्ती कर दो। यहां भर्ती रहने के आठ दिन बाद पत्नी ज्योति के दोनों पैर काट दिए। इसके आठ दिन बाद ही सोमवार 16 जून को पत्नी ज्योति की मौत हो गई। डॉ. खान ने मेरी पत्नी की हत्या की है उस पर प्रकरण दर्ज किया जाए।

ग्राम रोशनाई के सरपंच राज ढाकसे ने बताया कि ज्योति ओसवाल की मौत के लिए पपुरी हॉस्पिटल के डॉक्टर वाजिद खान जिमेदार है। महिला चलकर अस्पताल गई थी। डॉक्टर खान ने ऑपरेशन में लापरवाही की। इससे महिला की मौत हो गई। डॉ. खान पर हत्या का केस दर्ज किया जाए।

अस्पताल स्टाफ कमरे में दुबका, मरीज भी सहमे

अचानक हुए हंगामे और हिंसा को देखकर अस्पताल का स्टाफ अपनी जान बचाने के लिए कमरे में छिप गया। नर्सिंग स्टॉफ, डॉक्टर और अन्य कर्मचारी भयभीत हो गए और इधर-उधर छिपते नजर आए। अस्पताल में भर्ती मरीज व उनके परिजनों में भी अफरा-तफरी मच गई। परिवार अपने मरीज को लेकर अस्पताल से बाहर आ गए।

जांच कमेटी ने नहीं दी रिपोर्ट

महिला ज्योति ओसवाल की उपचार में लापरवाही को लेकर परिवार ने करीब 10 दिन पहले ही कलेक्टर और एसपी कार्यालय में शिकायत की थी। कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. जुगतावत ने तीन डॉक्टरों की टीम बनाई, जिसमें डॉ. रश्मि कौशल, डॉ. एम कलमे और डॉ. हेमंत गर्ग को तीन दिन में मामले की जांच कर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। टीम बनाकर सीएमएचओ भूल गए, इधर डॉक्टरों ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। महिला की मौत पर हो रहे हंगामे के दौरान एसडीएम को जांच टीम के बारे में पता चला, तब उन्होंने सीएमएचओ को फोन किया और रिपोर्ट के बारे में पूछा। तो सीएमएचओ ने कहा कि बुधवार शाम तक दे देंगे।

महिला की इंदौर में इलाज के दौरान कल मौत हो गई है। इसके बाद आज मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल में आकर डॉक्टर पर गलत इलाज का आरोप लगा कर अस्पताल में तोड़फोड़ की है। शिकायत के आधार पर जांच करवा रहे हैं। – बजरंग सिंह बहादुर, एसडीएम

घटनाक्रम में के संबंध में जांच चल रही। रिपोर्ट सीएमएचओ ऑफिस से आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। हॉस्पिटल में मृतिका के परिजनों ने तोड़फोड़ की गई है। प्रबंधक की ओर से मिली शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया है। – अभिनव बारंगे, नगर पुलिस अधीक्षक