पितांबरी वस्त्रों में बाइक पर सवार देवकन्याएं, हाथों में तिरंगा थामें, वीरांगना रूप में जीप पर सवार कन्याएं, शंखनाद करते हुए जय घोष के साथ निकली। नजारा था अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में हो रहे विराट कन्या कौशल शिविर के शुभारंभ का। शुक्रवार को किल्लौद ब्लॉक के ग्राम सोमगांव में तीन दिवसीय शिविर का शुभारंभ कलश यात्रा से हुआ। आयोजन में चार जिलों से 108 चेतना केंद्र के 540 गांव से गायत्री परिजन शामिल हुए।
शिविर शुभारंभ में निकाली गई शोभायात्रा मे छोटी-छोटी देवकन्याएं सिर कलश लिए शामिल रही। पहलगाम आतंकी घटना और भारत की जवाबी कार्रवाई, सेना के सम्मान में कन्याएं हाथों में तिरंगा लिए नजर आई। कलश यात्रा में नशामुक्ति की झांकी, गायत्री माता की 24 शक्तियों की झांकी, क्रांतिकारी विचारों के फ्लैक्स-बैनर, बाइक, ट्रैक्टर, बैलगाड़ी और खुली जीप में झांसी की रानी, झलकारी बाई, देवी अहिल्याबाई, भारत माता, शिव-पार्वती, राम-सीता, राधा-कृष्ण, किसान, भगतसिंह, मंगल पांडे, हनुमानजी, डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, कलेक्टर रूप में कन्याएं शामिल हुई। शोभयात्रा का पूरे गांव में जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।
नन्ही बालिका ने देशभक्ति गीत से छोड़ी छाप
गायत्री परिवार खंडवा के अजय लाड़ ने बताया कि कन्या कौशल शिविर प्रभारी पूर्णिमा पंवार राजस्थान का दौरा कर कलश यात्रा के ठीक समय पर उपस्थित हुईं। उनके आने से देवकन्याओं में जोश भर गया। बड़वाह शक्तिपीठ के काकरिया से नन्ही परी के रूप में 12 वर्षीय वाणी विश्नोइ ने बेटी पर क्रांतिकारी देशभक्ति गीत से सभी के मन पर छाप छोड़ी। आयोजन में ओंकारेश्वर उज्जैन के चार जिलो खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर जिला संयोजक पन्नालाल बिरला उपस्थित रहे। मूंदी गायत्री शक्तिपीठ के डॉ. मधुसूदन गीते, अमरीश राठौर, डॉ. मनोज अत्रे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
दिया जाएगा आत्मरक्षा, स्वालंबन का प्रशिक्षण
तीन दिवसीय शिविर में कन्याओं को हरिद्वार शक्तिपीठ सहित जिले के गायत्री परिजनों द्वारा गायत्री मंत्र और यज्ञ, स्वावलंबन, आत्मरक्षा, फैशन एवं व्यसन, अंधविश्वास, अराधना, समय दान, अंशदान, साधना, स्वाध्याय, संयम, सेवा, आत्मनिर्भता, आत्मसुरक्षा, लव जिहाद, पर्यावरण व पौधरोपण आदि विषयों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।