
-पिता को दी थी जान से मारने की धमकी
कोटा. गोबरिया बावड़ी और आसपास के इलाके में अवैध शराब के धंधे पर कब्जा जमाने के लिए बुधराज गुर्जर, दीपक नायक उर्फ दीपू और उसके साथियों ने शनिवार को अजय की हत्या की थी। गोबरिया बावड़ी में देशी शराब का ठेकेदार जितेंद्र गिरी (जीतू टेंशन) पिछले गई महीनों से इन लोगों का विरोध कर रहे थे। जिससे नाराज होकर दीपक नायक और उसके साथियों ने न सिर्फ जितेंद्र को जान से मारने की धमकी दी थी, बल्कि 10 दिन पहले अजय पर जानलेवा हमला भी किया था। आरोपी दीपक जितेन्द्र गिरी का रिश्तेदार है।
Murder : कोटा में देर रात शराब ठेकेदार के बेटे को चाकूओं से गोदा, सीना पार कर दिल में लगा खंजर
जितेंद्र गिरी ने पिछले साल ट्रांसपोर्ट नगर के ठेका अपने भतीजे दीपक नायक को सौंप रखा था, लेकिन उसने इसकी आड़ में अवैध शराब बेचने का धंधा शुरू कर दिया। बुधराज गुर्जर इलाके में कई वारदातें कर चुका है और उसके खिलाफ पुलिस हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में थी, जिसके चलते उसका आसपास के क्षेत्र में अच्छा खासा खौफ था। उसका फायदा उठाने और शराब के अवैध धंधे को बढ़ाने के लिए दीपक ने बुधराज के साथ हाथ मिला लिया। इन दोनों ने 10-12 लड़के जोड़कर बकायदा गैंग बना लिया। यह गैंग धड़ल्ले से अवैध शराब बेच रहे थे। ठेके में घाटा होने लगा तो जितेंद्र गिरी ने दीपू को हटा दिया।
जीतू को दी मारने की धमकी
जितेंद्र गिरी ने दीपक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। आखिरकार मई की शुरुआत में उन्होंने अनन्तपुरा थाने में इस गिरोह के अवैध शराब बेचने की शिकायत कर दी। पुलिस ने कार्रवाई कर बुधराज और उसके साथियों को करीब डेढ़ पेटी शराब के साथ धर दबोचा। इससे गुस्साए गैंग के कमल सिंह उर्फ बिच्छू ने दीपू के फोन से उन्हें कॉल कर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत भी उन्होंने अनन्तपुरा थाने को दी।
दस दिन पहले हुआ जानलेवा हमला
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद भी शराब माफिया की गैंग पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो उनके हौसले बढ़ गए। जितेंद्र गिरी को सबक सिखाने के लिए इन लोगों ने 20 मई को उसके बेटे अजय पर चाकू और तलवारों से जानलेवा हमला कर दिया था। इस मामले को भी पुलिस ने हल्के में लिया और बुधराज को सिर्फ शांतिभंग में मुचलका पाबंद कर छोड़ दिया। 28 मई की रात को आरोपियों ने गोबरिया बाबड़ी स्थित जितेंद्र गिरी के घर के बाहर खड़ी उनकी कार के कांच तोड़ दिए। इसकी भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।