
तीन घंटे तक कलक्ट्रेट के गेट पर बैठा रहा माली समाज
कोटा/बूंदी. बंशीलाल सुसाइड प्रकरण में 13 माह बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खफा माली समाज का सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। वे तीन घंटे तक बूंदी कलक्ट्रेट के दरवाजे पर धरना देकर बैठे रहे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सड़क पर टायर जलाए और बूंदी पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों ने खुला आरोप लगाया कि आरोपी भाजपा के पूर्व विधायक का भाई होने से बूंदी पुलिस की उसकी ढाल बनकर खड़ी है। शाम पांच बजे जिला collector से मिलने के बाद में माली समाज के लोग बंशीलाल के परिवार के साथ कलक्ट्रेट के बाहर hunger strike पर बैठ गए।
दोपहर में बूंदी के आजाद पार्क से हाड़ौती माली संघर्ष समिति के बैनर तले जुलूस के रूप प्रदर्शनकारी कलक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। पुलिस ने रोका तो कलक्ट्रेट के मुख्य दरवाजे पर धरना देकर बैठ गए। धरने पर वक्ताओं ने आरोपी कोटा सरस डेयरी अध्यक्ष श्रीलाल गुंजल, सुपरवाइजर प्रभुलाल गोचर और लेसरदा निवासी आरपी गोपाल गुर्जर को गिरफ्तार करने की मांग की और पीडि़त परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और प्रकरण की न्यायिक जांच की भी मांग रखी। बाद में संघर्ष समिति के पांच प्रतिनिधि को कलक्टर से मिले।
हम हिम्मत नहीं हारेंगे – बंशीलाल का परिवार
बंशीलाल के पिता राधेश्याम, पत्नी संजू, बेटा अभिषेक एवं बेटी सिमरन ने कहा कि हम हिम्मत नहीं हारेंगे। पुलिस कितने भी चक्कर कटवाए। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक यहीं कलक्ट्रेट पर अनशन करेंगे। हमने नौ बार बयान दिए, आरोपी एक बार पुलिस के हाथ नहीं लगे। चाहे मुख्यमंत्री के घर तक धरना देना पड़े आरोपियों की गिरफ्तारी तक दम नहीं लेंगे।
48 घंटे की मोहलत
माली समाज ने पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करने की 48 घंटे की मोहलत दी है, तब तक वे कलक्ट्रेट के बाहर अनशन पर हैं। इसके बाद वे आंदोलन की फिर नई रूप रेखा तय करेंगे।