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बच्चे को जहरीले कीड़े ने काटा, पिता डॉक्टर से पहले ले गया तेजाजी थानक, झाड़-फूंक में टूट गया इकलौते बेटे का दम
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बच्चे को जहरीले कीड़े ने काटा, पिता डॉक्टर से पहले ले गया तेजाजी थानक, झाड़-फूंक में टूट गया इकलौते बेटे का दम

बूंदी जिले की सीसोला ग्राम पंचायत के सुवांसड़ा गांव में अंधविश्वास के चलते मासूम बालक की दर्दनाम मौत होने का मामला सामने आया है।
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कोटा

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Zuber Khan

•

May 04, 2019

जजावर. (बूंदी.) बूंदी जिले की सीसोला ग्राम पंचायत के सुवांसड़ा गांव में अंधविश्वास के चलते मासूम बालक की दर्दनाम मौत होने का मामला सामने आया है। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी मन्नतों से हुआ बेटे ने पिता की आंखों के सामने दम तोड़ दिया। गांव में सन्नाटे के साथ मातम छा गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

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हुआ यूं, सुवांसडा गांव में घर के बाहर पानी की टंकी के पास 4 वर्षीय बालक विकास खेल रहा था। इसी दौरान अज्ञात जहरीले कीड़े ने उसके दांए पैर की अंगुली में काट लिया। बच्चे की चिल्लाने की आवाज सुन परिजन बाहर आए और बेटे को संभाला। विकास के पैर से खून बह रहा था। इस पर परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाए तेजाजी के थानक ले गए। जहां झाड़-फूंक के दौरान उसकी मौत हो गई।

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पिता मोहन मीणा को विश्वास नहीं हुआ तो वह बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना था कि यदि परिजन बालक को सही समय पर अस्पताल ले आते तो शायद विकास को बचा सकते थे। इकलौते बेटे की मौत की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में सन्नाटे के साथ मातम छा गया। जिसे भी सूचना मिली वह दौड़कर मृतक के घर पहुंचा और शोकाकुल परिवार को ढाढस बंधाया।

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मन्नतों के बाद हुआ था विकास
ग्रामीणों के अनुसार मोहन मीणा के दो पुत्रियों के बाद काफी मन्नतों के बाद विकास का जन्म हुआ था। विकास की मां बार-बार बेसुध हो रही थी। वहीं पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। घटना के बाद पूरा गांव स्तब्ध रह गया। गांव में किसी के भी घर में चूल्हे नहीं जले।