
सोजपुर. झालावाड़. हाड़ौती में लगातार तीन दिन से हो रही भारी बारिश ( Heavy Rain ) अब लोगों के लिए मुसीबत ( Rain Incident ) बन गई है। कहीं, कहीं नदियों में लोग बह गए तो कहीं बांध में डूबने से परिवार के चिराग बुझ गए। बारिश के चलते झालावाड़ में दिल दहला देने वाली घटना घटित हो गई। यहां स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day ) पर स्कूल में आयोजित समारोह में भाग लेने जा रहे दो मासूम भाई जैसे ही तैयार होकर कमरे से बाहर निकले तो आंगन की दीवार भरभराकर मासूम भाइयों पर गिर गई। दीवार के नीचे दबने से बड़े भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे तुरंत कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ रैफर कर दिया। परिवार में रक्षा बंधन की खुशियां हादसे में तब्दील हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
जानकारी के अनुसार झालावाड़ जिले के सोजपुर कस्बा निवासी समर रैगर (8) अपने छोटे भाई हिमांशु रेगर के साथ गुरुवार सुबह 8 बजे स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने जा रहे थे। मां ने दोनों बेटों को तैयार कर स्कूल के लिए रवाना किया। लेकिन, मां को क्या पता था कि कमरे के बाहर उनके कलेजे के टुकटों का मौत इंतजार कर रही है। जैसे ही बच्चों ने कमरे से बाहर कदम रखा तो आंगन में ईंटों की दीवार भरभराकर गिर गई। जिसकी चपेट में आने से दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने तुरंत खानपुर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने समर को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर अवस्था में छोटे भाई हिमांशु को झालावाड़ रैफर कर दिया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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परिवार में मचा कोहराम
मासूम बेटे की मौत से परिवार में स्वतंत्रा दिवस और रक्षा बंधन की खुश्यिां मातम में बदल गई। मां का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बीच-बीच में बेहोश हो रही थी। जैसे ही होश आए तो बस यही कहती कि मैंने अपने हाथों से ही बच्चों को तैयार किया था। वह स्कूल जा रहे थे। आंखों के सामने ही दीवार के मलबे में दब गए। मां की चित्कार से वहां मौजूद पड़ोसी व रिश्तेदारों का कलेजा कांप उठा। लोगों ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।
गांव में छाया मातम
मासूम बालक की मौत की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढाढंस बंधाया। घटना से पूरे गांव में मातम छा गया। किसी घर में चूल्हा नहीं जला।