
कोटा. बुजुर्ग दम्पती पर प्राणघातक हमला करने का आरोपी राजवीर पढऩे-लिखने में तेज था। ऐसे में जब उसने परिजनों व रिश्तेदारों को आयकर अधिकारी बनने के बारे में बताया तो किसी ने उस पर शक नहीं किया। परिजनों से रुपए नहीं मिलने के कारण उसके सामने आर्थिक तंगी खड़ी हो गई। ऐसे में वह झूठ के जाल में उलझता ही चला गया।
Read More: सावधान! पानी में बदल रहा गाडिय़ों में भरा पेट्रोल, बीच सड़क पर बंद हो रहा वाहन, कैसे, पढि़ए खास खबर
रिश्तेदारों को भी उलझाया
पुलिस टीमों ने आरोपी की पहचान के लिए उसके गांव, रिश्तेदारों व परिचितों व दोस्तों से पूछताछ की तो सभी ने उसके आयकर अधिकारी के लिए चयन होने व मुम्बई में ट्रेनिंग पर होने की बात कही।
Read More: कोटा में कहर बरपाकर राजवीर ने जयपुर तक बदले ठिकाने, पुलिस को दिया चकमा, फिर यूं शिकंजे में फंसा
फस्र्ट क्लास से होता था पास
आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि वह पढऩे-लिखने में तेज है। इसके चलते वह कक्षा 10, 12 व बीएससी में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ। इसके बाद उसने प्रतियोगी परीक्षाएं दी। ठहरने की समस्या व रुपए नहीं होने से वह गांव जाने पर मजबूर हो गया।
कहानी गढऩे में है माहिर
पुलिस ने बताया कि राजवीर कहानी गढऩे में माहिर है। ऐसे में रिश्तेदारों व परिचितों के ठहरने व खाने का इंतजाम होने के बाद वह बहाना बनाकर उनसे कुछ रुपए भी लेता रहा। इससे सार्वजनिक स्थानों पर रहते समय उसके खाने का इंतजाम होता।
BIG News: सावधान! कोटा में धूम रहा साइलेंट किलर, दबे पांव घर की दहलीज पर देता है दस्तक
जगदीश को मारने का बनाया इरादा
राजवीर कमरे में ओमप्रकाश पर जानलेवा हमले के बाद जब वह सुशीला को मारने के इरादे से नीचे उतरा और उसे जगदीश मिला। इस पर वह सकपका गया, लेकिन कुछ ही मिनटों में उसने उसे भी मारने का इरादा बना लिया, लेकिन जगदीश से संघर्ष से मामला बिगड़ गया और उसे भागना पड़ा।