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BIG News: हाड़ौती के सबसे बड़े जेके लोन अस्पताल में रोजाना 30 से 40 नवजात बच्चों की जान खतरे में…
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BIG News: हाड़ौती के सबसे बड़े जेके लोन अस्पताल में रोजाना 30 से 40 नवजात बच्चों की जान खतरे में…

हाड़ौती के सबसे बड़ा जेकेलोन अस्पताल बच्चों के लिए मुसीबत बना हुआ है। यहां अधिकतर वार्मर खराब हैं। एक वार्मर में दो बच्चों को रखा जा रहा है। इससे उनमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
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कोटा

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Zuber Khan

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May 22, 2019

अभिषेक गुप्ता.@ कोटा . हाड़ौती के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु (जेके लोन) अस्पताल में बच्चा वार्ड की सेहत इन दिनों बिगड़ी हुई है। हालत यह है कि स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट (एनआईसीयू) में वार्मर खराब पड़े हैं। ऐसे में एक वार्मर पर दो बच्चों को रखा जा रहा है। इससे उनमें संक्रमण का खतरा बना हुआ है। जानकारी के बाद भी जिम्मेदारों की नींद अब तक नहीं टूटी है। जेके लोन अस्पताल में तीन वार्ड हैं। इनमें लगे कुछ वार्मर लम्बे समय से खराब हैं। ऐसे में एक वार्मर पर दो बच्चों को रखकर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो ठंड के मौसम में वार्मर मशीन की अधिक आवश्यकता पड़ती है। गर्मी का समय होने के कारण नवजात में न्यूमोनिया के केस में कमी आई है।

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इस कारण वार्मर जरूरी
अस्पताल में रोजाना 30 से 40 महिलाओं के प्रसव होते हैं। नवजात को ठंड से बचाने (न्यूमोनिया) और जल्द पैदा होने वाले प्री-मैच्योर बच्चों के इलाज में वार्मर की आवश्यकता पड़ती है। अमूमन प्रसव के बाद नवजात को 35 डिग्री के तापमान में रखा जाता है। विशेषज्ञों की माने तो मां के गर्भ में बच्चा 38 डिग्री तापमान में रहता है। पैदा होने के बाद उसे 37.5 डिग्री तक का तापमान चाहिए। ऐसा नहीं होने पर बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। ऐसे बच्चों को ही वार्मर में रखा जाता है। अगर वार्मर खराब है तो बच्चे को डबल न्यूमोनिया तक हो सकता है।

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जेके लोन अस्पताल में 77 वार्मर हैं। इनमें से 33 काम कर रहे हैं। 44 खराब पड़े हैं। इनमें वार्ड में लगे वार्मर में से 9 और शेष 35 स्टोर में रखे हैं। नए अस्पताल में 10 में से 3 वार्मर खराब पड़े हैं। खराब पड़े उपकरणों की हर माह रिपोर्ट अधीक्षक के पास जाती है। हम भी समय-समय पर वार्मरों की रिपोर्ट करते हैं।
डॉ. अमृतलाल बैरवा, विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज

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अस्पताल के वार्ड में 10 ही वार्मर खराब हैं। अलग-अलग कम्पनी के वार्मर लगे हैं। हमने दो कम्पनियों के वार्मर ठीक करवा दिए हैं, लेकिन एक कम्पनी के वार्मर खराब पड़े हैं। उस कम्पनी को अवगत करा दिया है। कम्पनी के इंजीनियर निरीक्षण भी कर गए हैं, वे ही ठीक करेंगे।
डॉ. एच.एल. मीणा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल

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35 स्टोर में रखे
अस्पताल में नीचे तल पर एनआईसीयू, एफबीएनसी व दूसरी मंजिल पर एनएनडब्ल्यू वार्ड है। यहां कुल 42 बेड और 77 वार्मर है। इनमें से 33 वार्मर काम कर रहे हैं तथा 9 खराब पड़े हैं। जबकि 35 स्टोर में रखे हैं जो बंद है। इन वार्मरों में स्क्रीन (एलईडी) तक नहीं है। इससे तापमान का पता तक नहीं चल रहा।