
कोटा . बीस बरस की पूनम। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट। दोनों पैरों में लकवा। शरीर में हो रहे घावों पर पड़ गए कीड़े और ऐसे हालात में उपचार करने की जगह धरती के भगवान ने उसे अस्पताल से छुट्टी देकर अपना घर भेज दिया। पूनम को बीस बरस में ही दुनिया ने वह सब कुछ दिखा दिया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
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ससुराल वालों ने छत से फेंक दिया। इससे रीढ़ की हड्डी टूट गई। (back bone broke ) जिस पति के साथ ब्याह कर नई जिंदगी शुरू की थी, वह ही माता पिता के दिए जख्मों का उपचार कराने की जगह पीहर छोड़ कर भाग गया। रही सही कसर कोटा में एमबीएस अस्पताल ( MBS Hospital ) सरकारी व्यवस्थाओं ने पूरी कर दी।
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बीस वर्षीय महिला पूनम राजपूत ने बताया कि कोटा में श्रीराम नगर निवासी उसके चाचा ससुर उसे तीन दिन पहले एमबीएस अस्पताल ( MBS Hospita ) में भर्ती कर चले गए। उसके पति भूपेन्द्र सिंह गांव में ठेकेदारी का काम करते हैं। ससुर दिलीप सिंह शराब के आदी हैं। वह आए दिन उसे तंग करता है।
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उसने आरोप लगाया कि पिछले दिनों वह तीन बार शराब के नशे में कमरे में घुस गया। गांववासियों को इस बारे में पता नहीं चले, इसके चलते उसके सुसर व दादी सास ने मिलकर उसे तीन माह पहले घर की छत से फेंक दिया। गिरने से उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। उसका अहमदाबाद में इलाज चला। थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने समझौता करवा दिया। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो पति उसे जयपुर स्थित पीहर छोड़कर चला गया।
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उसका उपचार नहीं होने से शरीर में गहरे घाव हो गए। हालात यह हो गई कि घाव में मवाद से कीड़े तक पड़ गए। कोटा में श्रीराम नगर निवासी उसके चाचा ससुर को पता चला तो उन्होंने गाड़ी भिजवाकर उसे तीन दिन पहले एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया और छोड़कर चले गए। लावारिस मानकर अस्पताल ने भी उसका उपचार नहीं किया।
शुक्रवार दोपहर सूचना पर उसे अपनाघर आश्रम लेकर आए। यहां नर्सिंग स्टाफ ने उसके घावों को साफ कर मरहम पट्टी की। उसे एयर बैग पर रखा। उधर, अपना घर आश्रम टीम ने उसके चाचा ससुर को फोन कर बताया तो उन्होंने कहा कि मानवता के नाते पूनम को कोटा लाकर एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवा दिया। वह खुद हार्ट के मरीज हैं। उसका इलाज नहीं करवा सकते हैं।
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एमबीएस अस्पताल में महिला पूनम को पूरा उपचार नहीं मिला। अपना घर आश्रम की टीम जब उसे लेकर आई तो उसके शरीर से ब्लड बह रहा था। रीढ़ की हड्डी टूटी है। शरीर पर घाव है। उसमें जीवाणु लग गए हैं। अपना घर के नर्सिंग स्टाफ ने उसके घावों को साफ कर मरहम पट्टी की है।
मनोज जैन आदिनाथ, सचिव, अपनाघर आश्रम
महिला पूनम का तीन माह पहले अहमदाबाद में रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ है। इसके चलते पैरों में लकवा हो गया। वह अब सही नहीं हो सकता। शरीर पर घाव थे। उसकी मरहम पट्टी की गई। मैं खुद उसे रोज देख रहा था। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती है। यहां संभालने वाला कोई नहीं था। इस कारण डिस्चार्ज कर उसे अपनाघर आश्रम में भिजवाया।
डॉ. ए.के. तिवारी, ऑर्थोपेडिक विभाग, एमबीएस अस्पताल
पिता नहीं, मां भी मानसिक रोगी
पूनम ने बताया कि उसके पिता नहीं हैं। मां है, लेकिन मानसिक रोगी है। भाई शराब का आदि है। इसके चलते उसका इलाज नहीं हुआ। परिजनों ने उसकी पांच साल पहले शादी कर दी थी।