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किसानों के लिए जरूरी खबर: जलमग्न खेतों तक नहीं पहुंच सकी सर्वे टीम, क्लेम के लिए जल्द करें आवेदन
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किसानों के लिए जरूरी खबर: जलमग्न खेतों तक नहीं पहुंच सकी सर्वे टीम, क्लेम के लिए जल्द करें आवेदन

Farm submerged, Crops destroyed, Heavy Rain: हाड़ौती में खेत जलमग्न हैं, सर्वे टीम खेतों तक नहीं पहुंच पा रही। किसानों को जल्द क्लेम के लिए आवेदन भरने होंगे।
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कोटा

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Zuber Khan

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Aug 20, 2019

कोटा. अतिवृष्टि से हाड़ौती में फसलों में हुए खराबे का राजस्व और कृषि विभाग की टीमों ने सोमवार को सर्वे शुरू कर दिया। हाड़ौती के कई गांवों में अभी भी पानी के कारण रास्ते अवरूद्ध हैं और खेत जलमग्न हैं। इस कारण टीमें खेतों तक नहीं पहुंच पाई है। बीमा कम्पनियों को फसलों में हुए नुकसान की सूचना 72 घण्टे में देना अनिवार्य है।

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कृषि विस्तार के उप निदेशक के.सी.मीणा ने कहा जिलेभर के कृषि पयवेक्षकों को सर्वे के लिए भेज दिया गया है। दो-तीन दिन में सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी, इसके बाद ही नुकसान के बारे में बताया जा सकता है। हालांकि पहले दिन के सर्वे में 20 से 40 फीसदी तक नुकसान की रिपोर्ट आई है। मीणा ने कहा कि किसान फसलों को हुए नुकसान का निर्धारित प्रपत्र भरकर तत्काल कृषि पर्यवेक्षकों या बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों को जमा करवा दें। सांगोद, मोईकलां, दीगोद में नुकसान की जानकारी देने के लिए फॉर्म भरवाए गए। सांगोद में सर्वाधिक 450 किसानों ने फार्म भरे।

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किसान सड़कों पर उतरे
किसानसभा के आह्वान पर किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर दीगोद उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की। सुल्तानपुर क्षेत्र में किसान चालीस फीसदी से अधिक नुकसान बता रहे हैं, लेकिन प्रशासन फिलहाल पन्द्रह से बीस प्रतिशत नुकसान की बात कह रहा है। किसान नेता दशरथ कुमार ने बताया कि मंगलवार को जयपुर में कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव को हाड़ौती में फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट देकर किसानों को अंतरिम राहत देने की मांग की जाएगी।

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अतिवृष्टि से फसलों में खराबे का सर्वे 22 तक होगा, टीमें गठित
बूंदी. अतिवृष्टि से फसलों में हुए खराबे का आकलन 22 अगस्त तक किया जाएगा। जिला कलक्टर रुक्मणि रियार ने सोमवार को जिले के उपखंड अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए। अब वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त सर्वे टीम पहुंचेगी और खराबे का आकलन करेगी। टीम अपनी रिपोर्ट 22 अगस्त को जिला कलक्टर को प्रस्तुत करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे कार्य संबंधित उपखण्ड अधिकारी अपने-अपने सुपरविजन में पूरा कराएं। सर्वे के नोडल अधिकारी कृषि उपनिदेशक निर्धारित समयावधि में काम पूरा करेंगे। जिला कलक्टर रियार ने बताया कि अधिकारी सर्वे के काम को प्राथमिकता से करेंगे।