
कोटा. खेतों में लहलहाती फसलों को देख किसानों के चेहरों पर दिख रही खुशी गत दिनों हुई भारी बारिश ( Heavy Rain ) से काफूर हो गई। अतिवृष्टि से हाड़ौती में फसलो को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। ( Crops destroyed ) खेत जलमग्न होने से फसलें नष्ट हो गई। ( Farm submerged ) कृषि विभाग ने कोटा, बूंदी, बारां तथा झालावाड़ जिले में खराबे का सर्वे करवाने का आदेश दे दिया है। हाड़ौतीभर से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, करीब दो लाख हैक्टेयर में फसलें नष्ट हो गई है। इनका उत्पादन मूल्य एक हजार करोड़ से भी ज्यादा है।
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अतिवृष्टि के कारण खराब हुई फसलों के बारे में बीमा कम्पनियों को संबंधित किसान को 72 घण्टे में सूचना देना जरूरी है। इसके अलावा किसान कृषि विभाग के सहायक निदेशक, उप निदेशक और संयुक्त निदेशक के यहां लिखित में नुकसान की जानकारी सात दिन में दे सकता है।
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टोल फ्री नम्बर किए जारी
बूंदी के कृषि विभाग के उप निदेशक रामनिवास पालीवाल ने बताया कि कृषि विभाग ने किसानों के लिए टोल फ्री नंबर 1800295959 जारी कर दिए। जिस पर किसान अपने खेतों में हुए नुकसान की जानकारी दे सकेंगे। फसल खराबे का आकलन करने के लिए पूरी टीम को निर्देश दे दिए। अब तक 80 से 90 किसानों की शिकायतें मिल चुकी।
राहत नहीं तो करेंगे आंदोलन
किसान नेता दशरथ कुमार ने कहा कि हाड़ौती में फसलों में व्यापक नुकसान हुआ है। किसानों को सरकार तत्काल राहत प्रदान करें। नहीं तो किसान आंदोलन करेंगे।