
कोटा. पुलिस की गिरफ्त में आए मण्णपुरम गोल्ड लूट कांड ( manappuram gold robbery ) के आरोपी रुदल राय उर्फ कृष्ण मोहन व तेलिया दोनों ही बिहार गोल्ड लूट गैंग ( Gold loot gang ) के सरगना मनीष सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि तेलिया की वजह से ही मनीष सिंह गैंग में दरार भी आई थी।
नेपाल के कैसीनो और होटल से लेकर राजस्थान के मार्बल कारोबार ( marble business ) के धंधे का हिसाब भी तेलिया खुद ही मनीष के नाम पर करता था। मनीष मार्बल कारोबार पर कब्जा करना चाहता था। इसके लिए उसने मार्बल कारोबारी सुशील सिंह के छोटे भाई चंदन सिंह से नजदीकियां बढ़ाने व उसे लूट का सोना और हथियार देने का मन बना लिया था। लेकिन तेलिया ने ऐसा करने से मना कर दिया।
चंदन सिंह से पहले से ही नजदीकियां रखने वाले गैंग के ही दूसरे साथी अन्नू सिंह ने इसका न सिर्फ विरोध किया था, बल्कि मनीष को काम पूरा होने की गारंटी भी दी थी। हालांकि बाद में अन्नू ने ही चन्दन सिंह की हत्या की सुपारी जयपुर सेंट्रल जेल में निरुद्ध मुखिया मुकेश सिंह, उसके भाई अमोल सिंह और शिवकुमार सिंह को सौंपी थी, लेकिन तेलिया और उसके बीच फिर कभी नहीं पटी। वैशाली पुलिस के मुताबिक डील फेल होने के बाद अन्नू सिंह ने ही तेलिया को पकड़वाया था, ताकि वह गैंग में उसकी जगह ले सके, लेकिन तेलिया की कमी फिर कभी पूरी नहीं हो सकी।
तेलिया की गिरफ्तारी के बाद मनीष खुद लूटे गए सोने की डील करने लगा और इसी चक्कर में एसटीएफ के हत्थे भी चढ़ गया। हालांकि दोनों की वजह से गैंग दो फाड़ हो गया। मनीष सिंह की हत्या के ठीक बाद अन्नू सिंह और जयपुर गोल्ड लूट के एक और आरोपी विक्की सिंह ने 23 मार्च को तेलिया पर हाजीपुर कचहरी में दिन दहाड़े जानलेवा हमला भी करवा दिया, लेकिन उस पर चलाई गई गोली उसके भांजे रोशन की बांह में जा लगी और वह बच गया। हालांकि इस गैंगवार के दौरान हुई 12 राउंड फायरिंग में दो हवलदार पोषण पासवान और राजकिशोर बुरी तरह घायल हो गए थे।
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कोटा में तीन मिनट में ही लूट गए थे 8 करोड़ का सोना
नयापुरा थाने से महज 60-70 मीटर दूर मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड नयापुरा की शाखा में चार लुटेरों ने बंदूक तानकर 3 मिनट में 27 किलो सोना लूट लिया था। लुटेरे दो मोटर साइकिल पर आए और उसी से रवाना हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
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लुटेरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्हें पुलिस का जरा भी भय नहीं था और थाने के पास ही वारदात को अंजाम दे गए थे। लूटेरों की बाइक नम्बर व उनकी पहचान होने के बाद पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी करवाई। फिर भी लुटेरे शहर से बाहर निकल गए थे। आरोपियों ने इतनी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया था कि कोटा पुलिस को संभलने का मौका तक नहीं मिला।