
कोटा। दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग बाधित होने से पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल को हर रोज करीब 2 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा ट्रेक और सिग्नल तंत्र में नुकसान के खतरे को लेकर भी रेल प्रशासन आशंकित है। अधिकारी-कर्मचारियों को छुट्टियां नहीं दी जा रही है। ट्रेनें नहीं चलने से मंडल में यात्रीभार में तेजी से गिरावट आई है। वहीं मालगाडिय़ों में भी माल का लदान नहीं होने से गुड्स परिवहन से होने वाली आय भी ठप हो गई है।
वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने बताया हर रोज मंडल में औसत डेढ़ करोड़ रुपए यात्रीभार से और इतनी ही आय माल परिवहन से होती है, लेकिन दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सोमवार को कोटा मंडल से गुजरने वाली करीब 26 ट्रेनें रद्द रहीं और 26 ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया गया। वहीं कई ट्रेनों को आंशिक रद्द रखा गया। इस कारण आरक्षित श्रेणी के करीब 30 हजार यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी। वहीं सामान्य श्रेणी और पैसेंजर ट्रेनों का सफर करने वाले करीब 40 हजार यात्री सफर नहीं कर पाए।
Read More: गुर्जर आरक्षण की आग में झुलसी हाड़ौती, झालावाड़ की सड़कों पर आग, बूंदी के हाइवे पर लंगर
मंडल के केवल पांच आरक्षण केन्द्रों पर ही 8 से 10 फरवरी के बीच 21 लाख 77 हजार 665 रुपए यात्रियों को रिफण्ड करना पड़ा। वहीं सोमवार को भी हजारों यात्रियों ने टिकट निरस्त कराए। इससे होने वाले राजस्व के नुकसान के आकलन में रेलकर्मी जुटे हुए हैं। वहीं ऑनलाइन आरक्षण कराने वाले यात्रियों को उनके खाते में रिफण्ड करने की प्रक्रिया की जा रही है। कुल आरक्षित यात्रियों में से 60 प्रतिशत यात्री ई-टिकट पर यात्रा करते हैं।
Read More: गुर्जर आंदोलन: देर रात हाइवे पर सजी आरक्षण की महफिल, भट्टी चढ़ी, पंगत लगी और बटी सब्जी-पुड़ी
पूरे मंडल में आरक्षण आंदोलन से अब तक करीब 6 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। जयपुर में मंडल में भी ट्रेन संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। आंदोलन के चलते सोमवार को भी रेल यातायात पर भारी असर पड़ा। रेलवे प्रशासन के अनुसार जयपुर मंडल के स्टेशनों से गुजरने वाली 3 ट्रेनों को मार्ग परिवर्तित कर चलाया गया। दो ट्रेनें रद्द और 2 आंशिक रद्द की गई।