
कोटा/रावतभाटा. मध्यप्रदेश से हो रही लगातार पानी की आवक के कारण चंबल नदी के सबसे बड़े चारों बांधों के बुधवार को भी गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। कोटा में बुधवार रात करीब 7.40 पर झमाझम बारिश शुरू हुई जो आधे घंटे तक जारी रही।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ओमप्रकाश मोहनपुरिया ने बताया कि मध्यप्रदेश से पानी की आवक के कारण गांधीसागर बांध के 5 स्लूज गेट खोलकर 97 हजार 242 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बांध का जलस्तर 1310.91 फीट पर था। गांधीसागर बांध में पानी की आवक 86 हजार 230 क्यूसेक बनी हुई। बांध के पन बिजलीघर से 5 हजार 774 क्यूसेक पानी निकाल कर विद्युत उत्पादन किया जा रहा। इसके चलते राणा प्रताप सागर बांध के तीन क्रेश गेट खोलकर 1 लाख 1 हजार 379 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जबकि बांध में 98 हजार 198 क्यूसेक पानी की आवक हो रही।
बांध का जल स्तर 1157.17 फीट पर स्थिर है। बांध के पन बिजली घर से 14 हजार 606 क्यूसेक पानी छोड़कर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। राणा प्रताप सागर बांध से छोड़े जा रहे पानी से जवाहर सागर बांध व कोटा बैराज में भी पानी की आवक बढ़ गई। जिससे दोनों बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही थी। जवाहर सागर बांध का जल स्तर 976.30 फीट था। जबकि कोटा बैराज का जलस्तर 852.60 फीट पर रखकर सुबह 8 बजे तक 12 गेट खोलकर 2 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई। शाम तक 7 गेट खोलकर 35 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी।
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गेट से पानी निकासी देखने लगा जमावड़ा
राणा प्रताप सागर बांध के गेट देखने के लिए बुधवार सुबह से स्थानीय लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। वहीं बाहरी क्षेत्र से रावतभाटा आने वाले लोग भी वाहनों में बैठकर बांध के खुले गेट देखने के लिए पहुंचने लगे। हालांकि बांध के बेरियर गेट पर होमगार्ड ने प्रवेश नहीं करने दिया। लोग बांध के डाउन स्ट्रीम में नदी क्षेत्र में जाकर बहते पानी से अटखेलियां करते दिखे। बांध के पार रहने वाले लोग भी पुलिया से गुजरने के दौरान बीच में वाहन रोक कर रैलिंग से पानी निकासी देखते नजर आए।