
सुल्तानपुर. दीगोद के समीप मंडावरी व घघटाना गांव के बीच नदी में बही हुई नाव लेने गए घघटाना गांव निवासी चार युवक नदी के पानी में फंस गए। इन्हें करीब शाम सात बजे एनडीआरएफ की टीम ने घघटाना की ओर से मौके पर जाकर सुरक्षित निकाल लिया।
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दीगोद थानाधिकारी नंदसिंह के अनुसार, घघटाना निवासी राजू केवट, आकाश केवट, विकास सैनी व सोनू रैगर रविवार दोपहर 12 बजे नदी के बीच बबूल के पेड़ से बंधी नाव लेने छोटी नाव से गए थे। नाव तक पहुंचते- पहुंचते उनकी नाव डूब गई। संयोग से नाव की रस्सी हाथ में आने से ये युवक नाव पर चढ़ गए। वहां 7 घंटे तक फंसे रहे। शाम चार बजे प्रशासन को सूचना मिलने पर कोटा से एनडीआरएफ की टीम बुलाई। मंडावरी क्षेत्र से टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई तो घघटाना होकर टीम भेजी गई। इस टीम ने शाम सात बजे युवकों को सुरक्षित निकाल लिया।
इधर, टापू पर फंसा युवक
कवाई. मोठपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत परवन नदी के तेज बहाव के कारण मवेशी चराने गया एक युवक करीब 24 घंटे से अधिक समय तक नदी के बीच बने टापू पर फंसा रहा। सूचना मिलने के बाद दूसरे दिन रविवार को दो तैराकों ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामपंचायत ननावता के गोरडी गांव के समीप स्थित परवन नदी क्षेत्र में शनिवार सुबह गोरडी निवासी भूपेन्द्र सिंह मीणा (25) मवेशी चराने गया था। नदी में पानी की आवक बढऩे से वह टापू पर जाकर बैठ गया। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसे तलाश किया तो उसके नदी के बीच बने टापू पर होने की सूचना मिली। सुबह प्रशासन को इसकी सूचना मिलने पर मोठपुर थानाप्रभारी सत्यनारायण जांगिड़, सतपाल चौधरी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इस बीच एसडीआरएफ टीम भी पहुंच गई थी। नदी क्षेत्र में बंबूल की झाडिय़ां अधिक होने से एनडीआरएफ टीम अपनी नाव को डालने में विफल रही। ऐसे में पुलिस व रेस्क्यू टीम का सहयोग कर गांव के ही सोहन सिंह व नन्दलाल तैरकर टापू तक पहुंचे और दोपहर को युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लाए।
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भूख से रहा बेहाल
टापू पर फंसे भूपेंद्र ने बताया कि वह भैंसों को चराने गया था, नदी में पानी बढ़ता देख टापू पर चला गया। युवक भूख से बेहाल दिखा।