
कोटा. मध्यप्रदेश में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते कोटा में बाढ़ के हालात बन गए हैं। निचली बस्तियों में पानी भर गया है। हाड़ौती की बड़ी नदियां चंबल, ब्रह्माणी, परवन, कालीसिंध, पार्वती और मेज नदी समेत कई प्रमुख नदियां जबरदस्त उफान पर है। प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों के लिए रहने, भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। चंबल नदी के सबसे बड़े बांध गांधी सागर से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा जिले में भी बैराज के कैचमेंट एरिया में लगातार तीन दिनों से तेज बारिश हो रही है। इसके चलते भी चंबल नदी में पानी की आवक होने से बैराज का जलस्तर बढ़ गया है और उसे कम करने के लिए लगातार कोटा बैराज से पानी की निकासी की जा रही है। कोटा के रघुनाथपुरा व बालापुरा गांव टापू बन गए हैं। वहीं, बूंदी जिले के धोवड़ा, नरसिंगपुरा गांव पानी में डूबे हुए हैं।
Weathe Update: मध्यप्रदेश में भारी बारिश से राजस्थान में हाई अलर्ट, बैराज के 15 गेट खोल 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, कोटा में बाढ़ के हालात
किस बांध के कितने गेट खोले
शुक्रवार को कोटा बैराज से 15 गेट खोलकर रात 8 बजे तक 4.50 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई। इसके चलते बैराज के समानांतर नयापुरा, कुन्हाड़ी, बालिता और गावड़ी व बापू बस्ती में कई मकान डूब गए। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों को सरकारी स्कूल या सामुदायिक भवन में शरण दी हुई है। इस सीजन में शुक्रवार को 15 गेट खोल 4.50 लाख क्युसेक पानी की निकासी की गई। वहीं, राणा प्रताप सागर बांध के 14 गेट खोलकर 4 लाख से अधिक क्यूसेक तथा गांधी सागर बांध के 16 गेट खोल दिए गए हैं। यहां से भी करीब 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, जवाहर सागर बांध से करीब 10 गेट खोल पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने कोटा, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, करोली में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
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5 दिन से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
पिछली 9 तारीख से कोटा बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते चंबल नदी धौलपुर तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया हुआ है। बैराज के पानी से कई ऐसे रास्ते हैं, पुलिया पर पानी आ जाने के चलते उन्हें बंद कर दिया है. वहीं कुछ रास्तों को प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है।
शहर की कई निचली बस्तियां डूब क्षेत्र में आने पर बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर डूब जाने से बिजली बंद कर दी गई है। साथ ही सड़कें दरिया बन गई है। बस्ती में तीन फीट पानी है। लोगों के मकान में पानी घुस गया है. सड़कों पर खड़े उनके वाहन डूब गए हैं। अब हालात ऐसे हैं कि लोगों के खाने-पीने का भी संकट हो गया। बाढ़ जैसे हालात के चलते लोग घरों में ही कैद हो गए हैं। वह घर के बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं। उन्हें बाहर आने जाने के लिए ट्यूब का सहारा लेना पड़ रहा है।
सड़कें बनी दरिया
शुक्रवार दोपहर को हुई झमाझम बारिश से सड़कों पर 2 फीट पानी भर गया। वहीं, कुन्हाड़ी की बापू कॉलोनी के घरों में पानी भर गया। लोग घरों में कैद हो गए। प्रशासन ने मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है।