
कोटा. जिले में लगातार हो रही बारिश ( Heavy Rain ) के चलते कई नदी-नाले उफान पर हैं। चंबल, कालीसिंध व उजाड़ नदी में भी पानी की आवक हो रही है। शनिवार रात कई जगह तेज बारिश हुई। इससे कई जगह खेत लबालब हो गए। धाकडख़ेड़ी हनुमान मंदिर के पास बारिश का पानी जमा होने से सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक करीब तीन घंटे कोटा-कैथून मार्ग बंद रहा।
कोटा-सुल्तानपुर मार्ग पर सुबह मारवाड़ा चौकी नाला उफनने के कारण वाहन चालकों को परेशानी हुई। सुल्तानपुर में शनिवार पूरी रात तेज बारिश हुई। दिन में रिमझिम बारिश का दौर चला। इटावा में सुबह से रुक-रुक कर दिन भर रिमझिम बारिश होती रही, लेकिन खातौली के पास पार्वती पुल से पानी उतर जाने से दोपहर एक बजे से श्योपुर मार्ग पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। चेचट में देर रात तीन बजे से सुबह नौ बजे तक बारिश हुई। दिन में मौसम साफ रहा। मोड़क में हल्की फहारें आती रही, लेकिन रामगंजमंडी में सुबह अच्छी बारिश हुई। सांगोद क्षेत्र में सुबह समाप्त पिछले 24 घंटों में 116 मिमी बारिश दर्ज की गई। शनिवार देर रात एक बजे से सुबह सात बजे तक तेज बारिश हुई।
खेत बने तालाब
सांगोद. दो दिन पूर्व तक आसमान से राहत बनकर बरस रही बारिश अब आफत बन रही है। पांच दिन से लगातार हो रही तेज बारिश से आमजन जीवन प्रभावित है। क्षेत्र में शनिवार रातभर हुई तेज बारिश के बाद खेत तालाब बन गए। रात बारह बजे बाद शुरू हुआ बारिश का दौर अल सुबह तक जारी रहा। बारिश से दूर-दूर तक खेतों में सैलाब नजर आया। निचली बस्तियों व खेतों में बने कई घरों में पानी भर गया।
फसलें जलमग्न हो गई। लोगों के कच्चे-पक्के मकान भी टपक गए। बीते चौबीस घंटों में मुख्यालय पर 116 एमएम (साढ़े चार इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश से ज्यादातर लोगों को राहत ही मिल रही है। उजाड़ नदी में भी रविवार को पानी की आवक हुई। पुरानी रपट पर दो से तीन फीट पानी की चादर चलने लगी। कालीसिंध एवं परवन नदी में भी पानी की जोरदार आवक हुई। वहीं कंडोली नाला समेत कई बरसाती नालों में पानी बहने लगा। किसानों को भी फसलों के गलने की चिंता सता रही है।
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गांव में घुसा बरसाती पानी
दीगोद पंचायत के हरिपुरा गांव में खेतों एवं चरागाह क्षेत्र से बहकर आने वाला सारा पानी सैलाब के रूप में रास्तों पर बहने लगा। पानी का वेग भी इतना कि रास्ते में आने वाले सामानों तक को बहा ले गया। जानवर भी पानी के वेग में खिलौने की तरह बहते नजर आए। निचले घरों में कई फीट पानी भर गया। दोपहर बाद पानी कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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सड़कों पर भरा पानी, ऊफान पर नाले
रावतभाटा. क्षेत्र में शनिवार को भी रात भर तेज बारिश हुई। अलसुबह कुछ देर तक बारिश रुकी। फिर रविवार सुबह 10 बजे तक रिमझिम व हल्की बारिश का दौर चला। इससे सड़़कों पर पानी भर गया। तीन दिन से चल रहे बारिश के दौर से नाले उफान पर हैं। रविवार दिनभर ठंडी हवा चली। कोटा रोड पर कई जगह पानी भर गया। ऐसे में चौपहिया वाहन तो तेज गति से निकल गए लेकिन दुपहिया वाहनों को दिक्कत हुई। कई वाहनों चालकों को रास्ता बदल कर जाना पड़ा। कई वाहन पानी में बंद हो गए। उधर, पाडाझर माताजी पुलिया पर भी नाले में पानी का बहाव तेज हो गया। चारभुजा बैसाखिया नाला भी उफान पर आ गया। मंडेसरा बस स्टैंड का नाला, चामला पुलिया आदि जगहों पर पानी का बहाव तेज था।
बारिश-किसान फसलों को रोग से बचाने में जुटे
रामगंजमंडी, नगर में शनिवार देर रात से रविवार दोपहर ढाई बजे तक 12 घंटे में दो चरणों में 1 इंच बारिश दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्र में बारिश अच्छी होने से किसान परिवार खेतों में लहलहा रही फसलों को रोग से बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। रामगंजमंडी नगर में बारिश का दौर शनिवार देर रात करीब ढाई बजे बाद प्रारंभ हुआ। सुबह आठ बजे तक 14 मिमी व आठ बजे से दिन में ढाई बजे के बीच करीब 10 मिमी बारिश रिकार्ड हुई। बारिश से मौसम में ठंडक आ गई। खेतों में खरीफ की फसल लहलहाने लगी है। काश्तकार निंराई- गुड़ाई के साथ फसल को रोग से बचाने के लिए दवाइयों के प्रबंध में जुट गए हैं। लाइम स्टोन की खदानों में निचली सतह पर पानी का भराव होने से उत्पादन कार्य ठहर गया है तो कुछ खदानों मे पेटियों के ऊपरी सतह तक पानी नहीं आने से उत्पादन कार्य प्रभावित नही हुआ। पत्थर कटाई कार्य यहां रविवार को भी हुआ। स्टॉक से पत्थर परिवहन कार्य नही हुआ।