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weather update : 10 साल में पहली बार कोटा में आई वो खौफनाक रात, मंजर याद आया तो कांप उठी रूह
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weather update : 10 साल में पहली बार कोटा में आई वो खौफनाक रात, मंजर याद आया तो कांप उठी रूह

Heavy Rain, flood in kota, colonies submerged: कोटा में हाल ही में एक ही रात में हुई 6 इंच बारिश का वो खौफनाक मंजर याद करते ही लोग आज भी कांप उठते हैं।
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कोटा

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Zuber Khan

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Jul 31, 2019

कोटा. शहर में गत शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह सात बजे तक हुई भारी बारिश ( Heavy Rain ) से बाढ़ के हालात बन गए थे। ( Flood in kota ) इस दिन कोटा में 6 इंच बारिश हुई थी। इससे कॉलोनियां जलमग्न हो गई। लोग घरों में कैद होकर रह गए। कई कॉलोनियों में 7 इंच पानी नीनतो कहीं एक मंजिल तक डूब गई थी। अनंतपुरा तालाब बस्ती, बरड़ा बस्ती व कौटिल्य नगर में तो नावें चल पड़ी थी। बाढ़ के हालात के चलते जिला प्रशासन, एसडीआरएफ , नगर निगम की रेस्क्यू की टीम को बचाव व राहत कार्य के लिए मैदान में उतरना पड़ा और मोटरबोट के जरिए पानी से घिरे लोगों को बाहर निकाल जगह पहुंचाया गया। भारी बारिश के तीन दिन बाद यानी मंगलवार को कॉलोनियों में भरे पानी का जलस्तर कम हुआ तो रहवासी यहां पहुंचे तो उनकी आंखों के सामने उस रात का वह खौफनाक मंजर सामने आ गया। जिससे उन्हें घर छोड़कर जाना पड़ा था।

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बोरखेड़ा क्षेत्र की कौटिल्य नगर कॉलोनी में मंगलवार को तीसरे दिन जलस्तर कुछ नीचे उतरा। हालांकि कॉलोनी में रास्ते पानी से लबालब भरे पड़े हैं। ( colonies submerged ) हालातों को देखने के लिए जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई नहीं पहुंचा। इससे स्थानीय लोग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इस कॉलोनी में डेढ़ सौ मकान हैं। शनिवार रात हुई भारी बारिश का पानी इन मकानों में घुस गया था। मकानों के अंदर सात-सात फीट पानी था। लोगों की जान सांसत में रही। रसोई का सामान बह गया। इससे लोगों के भूखे रहने की नौबत आ गई। हालांकि एसडीआरएफ व निगम के गोताखोरों ने समय रहते कॉलोनी के लोगों को नाव की मदद से बाहर निकाला। उसके बाद कोई पीहर तो कोई ससुराल व कोई रिश्तेदारों के यहां दो दिन तक रहा।

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मंगलवार को कॉलोनी का जलस्तर नीचे उतरा तो मकानों की सारसंभाल लेने लोग पहुंचे। महिला बृजेश कंवर ने बताया कि बाढ़ के समय मकानों में सात-सात फीट पानी था। निगम की गोताखोर टीम ने नाव से उन्हें निकाला। दो दिन पीहर में रात गुजारी। हर घर में करीब 25 से 30 हजार का नुकसान हुआ है। इसके अलावा घरेलू सामानों का नुकसान अलग है। इस कॉलोनी में करीब 100 लोगों की जान बचाई थी।

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दस साल में पहली बार बने ऐसे हालात
स्थानीय निवासी किशनसिंह जादौन ने बताया कि इस कॉलोनी में दस साल में पहली बार ऐसे हालात बने हैं। हर्बल गार्डन के पास दीवार का निर्माण करवाया। इसी के नीचे थेगड़ा नाला गुजर रहा है, लेकिन इसकी सफाई नहीं की गई। इस कारण नाला ओवरफ्लो हो गया। पानी वापस घरों में भर गया। सड़कें नहीं हैं।

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खाने-पीने का सामान पानी में बहा
कॉलोनीवासियों ने बताया कि घरों का लेवल पांच-पांच फ ीट है। उसके बावजूद पानी भर गया। पानी घर के अंदर घुसने से सोफे, बैड, बिस्तर, कपड़े, खाने-पीने का सामान खराब हो गया। विजय कुमार ने बताया कि रिश्तेदार नहीं होते तो खाने के भी लाले पड़ जाते। दो रातों से कॉलोनी में बिजली तक नहीं आई।