
कोटा. तीन दिन से थमा बारिश का दौर बुधवार सुबह झमाझम बरसात के साथ फिर से शुरू हो गया। ( Heavy Rain ) मौसम में नमी होने से लोगों को उमस से राहत मिली। जवाहर सागर बांध ( Jawahar Sagar Dam ) में लगातार पानी की अच्छी आवक होने से चंबल नदी ( chambal river ) भी उफान पर है। इसके चलते बुधवार को कोटा बैराज ( Kota Barrage ) के 4 गेट खोलकर 19350 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। इससे नदी-नाले उफन गए। जवाहर सागर में 7700 क्यूसेक पानी आ रहा है। इससे चंबल का जल स्तर बढ़ गया और गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। पूर्व में हुई बारिश से अभी शहर की कई बस्तियों में पानी भरा हुआ है। वहीं, ग्रामीण अंचल में खेत लबालब हैं।
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हालांकि सांगोद में मंगलवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे से दस मिनट तक तेज और शाम पांच बजे से पन्द्रह मिनट तक हल्की बारिश हुई। चेचट में सुबह पन्द्रह मिनट रिमझिम बारिश हुई। सोमवार रात यहां बारिश हुई थी। कैथून में भी फुहारें गिरी। रावतभाटा, सुल्तानपुर व इटावा में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई और उमस से लोग परेशान रहे। खातौली के निकट पार्वती नदी की पुल पर चादर चलने से दूसरे दिन भी शाम तक कोटा-श्योपुर मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद रहा।
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वहीं, शहर के पास स्थित लखावा गांव में बारिश के कारण रास्तों में दलदल सा हो गया है। कीचड़ इस तरह फैल गया है कि लोगों का आना-जाना ही दुश्वार हो गया है। कीचड़ में फिसलन होने से बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। ऐसा हाल कई कॉलोनियों का बना हुआ है। बरसाती पानी के साथ आई गंदगी अभी तक सड़कों पर जमी है। नगर निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था पर ध्यान तक नहीं दिया है। इससे बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है।