
कोटा. वन विभाग ( Forest department ) और पुलिस ( kota police ) के आला अधिकारियों ने रविवार को छुट्टी के दिन खनन माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की रणनीति बनाई और कार्रवाई को गोपनीय रखा, लेकिन ‘भेदियों’ ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी पर पानी फेर दिया। दोनों विभाग का संयुक्त दल पहुंचने से पहले ही अवैध खननकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ( Tractor trolley ) को भगा ले गए। लवाजमा पहुंंचने से पहले खननकर्ताओं के भागने से आला अधिकारी भी सकते हैं। अधिकारियों की आंखों के सामने ही 8-10 ट्रैक्टर-ट्रॉली भगा ले गए। पचास से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों की टीम ने ढाई घंटे की मशक्कत में केवल दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर सकी। विभागीय अधिकारियों ने दावा किया कि कार्रवाई को गोपनीय रखा गया। यहां तक कि विभाग के कर्मचारियों से भी इस सम्बन्ध में चर्चा नहीं। स्थानीय रेंज के कर्मचारियों को भी कार्रवाई से दूर रखा गया। कार्रवाई के लिए मोड़क, मंडाना, सुल्तानपुर व इटावा रेंज से वनकर्मी बुलवाए गए।
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पानी में ट्रैक्टर-ट्रॉली
आईपीएस अफसर अमृता दुहान, वन विभाग के उपवन संरक्षक रविकुमार मीणा, सहायक वन संरक्षक तरुण कुमार मेहर के नेतृत्व में करीब 35 पुलिसकर्मी व 20 वनकर्मियों की टीम सुबह जल्दी अनंतपुरा खनन क्षेत्र में पहुंची तो अवैध खननकर्ताओं में हड़कंप मच गया। पुलिस व वन कर्मियों को देखकर वे मौके से भाग छूटे, कुछ खनन से बनी तलाइयों में टै्रक्टरों को छोड़कर भाग निकले। इन टै्रक्टरों को जेसीबी से निकलवाकर जब्त किया गया। जब खनन विरोधी दस्ता मौके पर पहुंचा तो 8 से 10 ट्रैक्टरों से लोग खनन कर रहे थे।
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कार्रवाई का नहीं असर
शहर के आस-पास के इलाके में वन विभाग की खाली पड़ी जमीन पर लोग बेधड़क अवैध खनन व अतिक्रमण कर रहे हैं, जब कार्रवाई होती है तो एक-दो दिन अवैध खननकर्ता चुप बैठ जाते हैं, लेकिन थोड़ी सी ढील मिलते ही वापस खनन शुरू कर देते हैं।
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कर दिया खोखला
अनंतपुरा, नांता, डाढ़ देवी के जंगलों में जेसीबी लगाकर अवैध खनन किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि पत्थरों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली शहर के कई थानों के सामने से गुजरते हैं, लेकिन पुलिस आंखें मूंद लेती है। डाढ़ देवी के जंगलों से प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली व डम्पर अवैध खनन से भरकर आते हैं। उद्योग नगर थाने के पास रात में अवैध खनन कर पत्थर डाले जा रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हर रोज तड़के से देर शाम तक खननकर्ता धरा को छलनी करते रहते हैं। एक साथ कई टै्रक्टर-ट्रॉलियों को यहां खड़े और पत्थरों से भरी ट्रॉलियों को मार्ग में दौड़ते देखा जा सकता है। अतिक्रमण का भी ऐसा ही आलम है, लोग पहले जगह रोक लेते हैं और फिर पक्के निर्माण कर लेते हैं।
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सूचना तंत्र है मजबूत
अवैध माफिया का सूचना तंत्र ( Information system ) इतना मजबूत है कि पत्ता हिलने से पहले ही उन्हें पता चल जाता है कि कार्रवाई होने वाली है। इस कारण विभाग के कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी कई बार सवाल उठते हैं।
वन विभाग व पुलिस ने संयुक्त रूप से अवैध खननकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। इनके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रविकुमार मीणा, उप वन संरक्षक, वन विभाग