
कोटा. शहर का कोई चौराहा या मोहल्ला ऐसा नहीं जहां शराब का अवैध कारोबार ( illegal wine Business ) धड़ल्ले न चल रहा हो। गली के नुक्कड़ तक जाने की जहमत भी क्यों उठाना, जब शराब माफिया ( Wine Mafia ) मनचाहे ब्रांड की बोतल घर तक पहुंचाने को 24 घंटे तैयार ( wine home delivery ) बैठे हैं। बस इसके लिए 150 रुपए से लेकर 500 रुपए तक एक्स्ट्रा जेब ढीली करनी पड़ेगी। पुलिस की टेंशन मत लीजिए, क्योंकि अवैध शराब की खरीद-फरोख्त का पूरा धंधा खाकी के संरक्षण में ही चल रहा है।
सरकार ने सुबह दस बजे से लेकर रात आठ बजे तक ही शराब की खरीद फरोख्त की इजाजत दी है, लेकिन आधी रात को भी कोटा के तकरीबन हर चौराहे और कच्ची बस्तियों में अवैध शराब खरीद सकते हैं। घर के नजदीकी चौराहे पर मायूसी हाथ लगे तो गाड़ी उठाकर सीधे केशवपुरा, एयरोड्रम, संतोषी नगर, गोबरिया बावड़ी, छावनी, कुन्हाड़ी और घोड़ा सर्किल पर चले आइए। निराश नहीं लौटेंगे।
आबकारी नीति की खामी बनी वजह
आबकारी विभाग ने सभी देशी और अंग्रेजी शराब के ठेकेदारों का तिमाही कोटा फिक्स कर रखा है। यदि कोई ठेकेदार इस कोटे से कम माल उठाता है तो उस पर मोटा जुर्माना थोप दिया जाता है और यदि वह ज्यादा माल उठाए तो अगली तिमाही में उसका कोटा बढ़ा दिया जाता है। ऐसे में बढ़े हुए माल को खपाने के लिए वह कम मार्जिन पर अवैध शराब बेचने वालों को सप्लाई कर देता है।
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वसूलते हैं मनमानी कीमत
आबकारी विभाग ठेकेदार को एक शराब ब्रांड का क्वार्टर 109 रुपए का देता है। स्टॉक खपाने के लिए ठेकेदार अवैध शराब का धंधा करने वालों को यह क्वार्टर 110 रुपए में बेच देते हैं। जिसे वह आधी रात में आने वाले ग्राहक को 150 रुपए से लेकर 200 रुपए तक में बेचते हैं।